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हिमाचल: बीमार नवजात को राम सिंह ने सवा तीन घंटे में नाहन से पहुंचा दिया गुरुग्राम
Wed, 13 May 2020 09:57 AM IST
Krishan Singh
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 13 May 2020 09:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं को पार करते हुए एंबुलेंस चालक और समाजसेवी राम सिंह ने 320 किमी लंबा सफर महज सवा तीन घंटे में पूरा कर लिया। जब बच्चे की जान पर बन आई तो राम सिंह ने एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज नाहन से गुरुग्राम ले जाने के लिए पल भर भी नहीं सोचा। अमूमन नाहन से गुरुग्राम के लिए पांच घंटे का वक्त लग जाता है। शाहबाद से दिल्ली के बीच रात को बारिश के बावजूद बच्चे को लेकर वह गुरुग्राम पहुंचे। जहां उन्होंने मासूम को अस्पताल में भर्ती किया। इससे पहले राम सिंह को साढ़े सात बजे बच्चे को रेफर करने की सूचना मिली थी। करीब सवा आठ बजे राम सिंह बच्चे और दादी को लेकर नाहन से रवाना हुआ।
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मां नाहन अस्पताल में भर्ती
पांवटा साहिब से रेफर नवजात नाहन में अपनी मां से जुदा हो गया। 11 मई को जन्मे नवजात की हालत बिगड़ने पर पांवटा से नवजात को मेडिकल कॉलेज नाहन के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश बिष्ट के पास रेफर किया था। जब डॉ. दिनेश ने ईको से बच्चे की जांच की तो पता चला कि बच्चे की पलमोरी आरट्री नहीं बनी थी। यह पलमोरी आरट्री दिल से फेफड़े को जाती है, जिससे खून की सप्लाई की मिलती है। लिहाजा, डॉ. बिष्ट ने बिना देर किए चार घंटे के नवजात को नाहन से रेफर कर दिया। नवजात अपनी दादी के साथ एंबुलेंस से गुरूग्राम पहुंचा। जबकि, बच्चे की मां नाहन में दाखिल है। उधर, मेडिकल कालेज नाहन के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश बिष्ट ने बताया कि दो दिन बाद बच्चे की ओपन हार्ट सर्जरी होगी। नवजात में पलमोरी आरट्री नहीं बनी थी। एंबुलेंस चालक ने समय रहते बच्चे को दादी के साथ गुरुग्राम स्थित आर्टीमस अस्पताल पहुंचा दिया, जहां बच्चों के दिल के वरिष्ठ सर्जन दो दिन बाद ऑपरेशन करेंगे।
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