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Himachal Rain: चंबा में भूस्खलन से चार की मौत; होली में नाै घर, बड़ा भंगाल में दो स्कूलों सहित पांच भवन बहे

Wed, 27 Aug 2025 05:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 27 Aug 2025 05:56 PM IST
सार

प्रदेश में दो दिन तबाही मचाने के बाद बुधवार को माैसम तो खुल गया लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। भरमौर के होली क्षेत्र के  हलूण गांव में नाले में बाढ़ आने से नौ घरों के बहने की सूचना है।

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Himachal Rain Weather forecast: many roads closed due to landslide, a house collapsed in Bilaspur
हिमाचल में बारिश से तबाही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही का दौर जारी है। चंबा जिले में दो जगह भूस्खलन से भाई-बहन समेत चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लापता हैं। भरमौर के होली क्षेत्र के सलून गांव में नाले में बाढ़ आने से नौ घरों के बहने की सूचना है। हालांकि, प्रशासनिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन विधायक जनकराज ने वीडियो जारी कर कहा कि पूरा गांव बह गया है। कांगड़ा की दुर्गम पंचायत बड़ा भंगाल में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से हेलीपैड के समीप दो सरकारी स्कूल भवन, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, पंचायत भवन, राशन डिपो, गांव को जोड़ने वाले पुल भी बहे हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों श्रद्धालु जगह-जगह फंसे हैं। घायल छह श्रद्धालुओं को भरमौर से चंबा मेडिकल कॉलेज में एयरलिफ्ट किया गया है। रावी नदी उफान पर है और आसपास के घर खाली करवाए गए हैं। बारिश-भूस्खलन के चलते दो एनएच समेत प्रदेश में 582 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जबकि 1155 बिजली ट्रांसफार्मर और 346 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

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चंबा जिले में तीसरे दिन भी मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं ठप रहीं। शहर में 28 घंटे बाद बिजली बहाल हुई। चंबा के 1,200 गांवों में बिजली नहीं है। भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत अन्य जगहों पर सड़कें बंद होने से जरूरी चीजों की सप्लाई तीन दिन से बंद है। चंबा जिला मुख्यालय से सटी बसोधन पंचायत में एक भाई और बहन भूस्खलन की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गए। दोनों घर के पास हो रहे भूस्खलन को देखने के लिए जैसे ही बाहर निकले, मलबा अचानक उन पर आ गिरा। मैहला विकास खंड के तहत भिमला पंचायत में चार महिलाएं घर के पास काम कर रही थीं। अचानक पहाड़ी से मलबे की चपेट में आ गई। इसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। दो घायल हैं।
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कुल्लू मनाली हाईवे आठ जगह ब्यास में बहा
 मनाली और लाहौल घाटी का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ कट गया है। कुल्लू मनाली हाईवे-तीन रामशिला से लेकर मनाली तक करीब सात से आठ स्थानों पर ब्यास नदी में बह गया है। ऐसे में लोगों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। वहीं कुल्लू-मनाली वामतट भी बंद पड़ा है। लोगों ने अपने कामकाज के लिए पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।
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कुल्लू-मनाली में जनजीवन अस्त-व्यस्त
मंगलवार को मूसलाधार बारिश से रौद्र रूप में आई ब्यास नदी ने मनाली से लेकर कुल्लू व मंडी तक तबाही मचाई।  मनाली के बांहग में दो रेस्तरां, तीन दुकानें, एक घर और तीन खोखे बहा ले गई। एक कार, ट्रक और पिकअप भी नदी में समा गई। रामशिला के पास तीन मकान, जबकि ओल्ड मनाली में सात खोखे बह गए। मनाली में क्लब हाउस को भी नुकसान पहुंचा है। ओल्ड मनाली में मनालसू नाला पर बना पुल ध्वस्त हो गया। सेऊबाग में पैदल पुल भी बह गया। समाहन में सड़क धंसने से मनाली-लेह मार्ग भी बंद है। कुल्लू-मनाली हाईवे का रायसन, बिंदू ढांक, मनाली के आलू ग्राउंड और 17 मील के पास करीब 700 मीटर हिस्सा बह गया। रायसन के पास शिरढ़ रिजॉर्ट को खतरा हो गया है। बढ़ीधार में एक दो मंजिला मकान ढह गया है। पतलीकूहल में नग्गर को जोड़ने वाले पुल के लिए बनी सड़क बह गई। 

हिमाचल में इतने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 2 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। इस दाैरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश का  येलो अलर्ट है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले में अलग-अलग दिन भारी बारिश का अलर्ट है। वहींं बीती रात को चंबा में 51.0. धर्मशाला 40.4, जोत 38.0, नयना देवी जी 26.8, पालमपुर 22.4, कांगड़ा 21.6, बिलासपुर 20.4, अंब 20.0, देहरा गोपीपुर 18.4 व करसोग में 18.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

सोलन शहर के वार्ड-12 में गिरा डंगा, घरों को खतरा 
 सोलन शहर के वार्ड-12 में बारिश के दौरान एक डंगा गिरने से आसपास घरों के लिए खतरा पैदा हो गया है। यह डंगा रात के समय गिर गया। इसके ठीक ऊपर घर में कई लोग रहते हैं। इसके पास निर्माणाधीन भवन को भी खतरा हो गया है। आगामी दिनों में अगर बारिश का क्रम ऐसा ही रहा तो यहां पर डंगे के साथ घर भी गिर सकता है।

इस सीजन 42 जगह फटे बादल,  2623 करोड़ का नुकसान
हिमाचल में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 2623 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इस मानसून सीजन में 20 जून से 27 अगस्त तक 310 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 369 लोग घायल हुए हैं। 38 लोग अभी लापता हैं। 158 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। इस सीजन बादल फटने की 42 एवं भूस्खलन की 82 घटनाओं में अब तक 2719 कच्चे-पक्के घरों, 481 दुकानों को क्षति हुई है। 3192 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।


हाईवे तीन दिन से बंद, गाड़ियों में ही सड़ गए फल-सब्जियां, खराब हो गया सामान
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पंडोह से औट के बीच पिछले तीन दिनों से बंद है। हालांकि, सोमवार को यह हाईवे कुछ समय के लिए खुला था और उस वक्त छोटे-बड़े वाहनों को यहां से गुजारा भी गया था लेकिन उसके बाद भारी बारिश के कारण हाईवे फिर से बंद हो गया। बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन फंसे हुए हैं। हाईवे को सबसे ज्यादा नुकसान दवाड़ा में लारजी पावर हाउस के पास पहुंचा है। हाईवे के बंद होने के कारण सैकड़ों मालवाहक वाहन फंसे हुए हैं। बहुत से वाहन ऐसे हैं जो पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की मंडियों से फल, सब्जियां और जरूरत का अन्य सामान कुल्लू-मनाली और लाहाैल-स्पीति की तरफ लेकर जा रहे थे। लेकिन तीन दिनों से हाईवे बंद होने के कारण अब फल-सब्जियां खराब होने लगे हैं। चालक दवलेंद्र सेन, गुरविंदर सिंह और राज सिंह ने बताया कि वे तीन दिनों से यहां फंसे हुए हैं। प्रशासन की तरफ से भोजन-पानी की व्यवस्था तो की जा रही लेकिन गाड़ियों में माैजूद सामान खराब हो गया। अब उन्हें इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।  वहीं मंडी जिला प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार हाईवे को बहाल करने का कार्य तेज गति के साथ किया जा रहा है। एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग की मशीनरी इस कार्य में जुटी हुई है।


 

परागपुर के भजनाथ में कच्चा स्लेटपोश रिहायशी मकान ध्वस्त
कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत अप्पर परागपुर के गांव भजनाथ में पवन कुमार पुत्र चंद राम का कच्चा स्लेटपोश रिहायशी मकान अचानक गिर गया। प्रभावित पवन कुमार मजदूरी करता है और  वार्ड नंबर पांच का निवासी हैं। मकान ढहने से अब उसका आशियाना उजड़ गया। हादसे की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान मीना कुमारी भी माैके पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से प्रभावित परिवार का सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया। वहीं तहसीलदार परागपुर चिराग शर्मा ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन की ओर से तिरपाल उपलब्ध करवाई है। तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि जल्द फौरी राहत राशि जारी की जाएगी।

 मंड में बाढ़ से बिगड़े हालात, एनडीआरएफ ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
कांगड़ा जिले में लगातार बारिश से पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से पार हो गया। इससे मंड क्षेत्र में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार को एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कैंप बनाए हैं, जहां ठहरने, खाने-पीने और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सतर्क रहें, अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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