हिमाचल में बारिश का असर: 98 सड़कें बंद, 107 ट्रांसफार्मर ठप; 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 31 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार 98 सड़कें बंद, 107 बिजली ट्रांसफार्मर ठप और 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 43 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 16 और चंबा में 15 सड़कें प्रभावित हुई हैं। मानसून सीजन में अब तक प्राकृतिक आपदाओं से 104 मौतें दर्ज की गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून के बीच बारिश का असर एक बार फिर सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 31 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदेशभर में 98 सड़कें बंद हुई हैं। इसके अलावा 107 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हुए हैं, जबकि 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिलेवार आंकड़ों में मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां कुल 43 सड़कें बंद दर्ज की गईं। इसके बाद कुल्लू में 16 और चंबा में 15 सड़कें बंद रहीं। हमीरपुर में 37 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए, जबकि मंडी में 89 डीटीआर बंद रहे।
मंडी में 43 सड़कें बंद
मंडी जिले में सराज में 23, थलौट में नौ, सरकाघाट में तीन, गोहर में दो, मंडी में दो, धर्मपुर में दो और सुंदरनगर तथा करसोग में एक-एक सड़क बंद हुई। जिले में कुल 89 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं।
कुल्लू और चंबा में भी स्थिति खराब
कुल्लू में कुल 16 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की आठ, निरमंड की चार तथा बंजार और आनी की दो-दो सड़कें शामिल हैं। चंबा में 15 सड़कें बंद हुई हैं, जिनमें भटियात की आठ, सलूणी की तीन तथा चंबा और डलहौजी की दो-दो सड़कें शामिल हैं।
सोलन, सिरमौर और शिमला में भी सड़कें प्रभावित
सोलन जिले में चार सड़कें बंद हैं। इनमें कसौली और नालागढ़ उपमंडल की दो-दो सड़कें शामिल हैं। नालागढ़ में पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। सिरमौर के नाहन उपमंडल में पांच सड़कें बंद हैं। शिमला जिले में रामपुर और सुन्नी उपमंडल में कुल दो सड़कें बंद दर्ज की गई हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट में 30 अगस्त की शाम के आंकड़ों की तुलना में 31 अगस्त की सुबह तक सड़क बंद होने की संख्या 64 से बढ़कर 98 हो गई। इसी अवधि में प्रभावित डीटीआर की संख्या 226 से घटकर 107 हुई, जबकि पेयजल योजनाओं की संख्या 9 से बढ़कर 37 हो गई।
मानसून में अब तक 104 लोगों की मौत
सरकार की संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार 30 अगस्त 2026 तक मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से 104 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में 149 मौतें दर्ज हैं। मानसून के दौरान कुल नुकसान का आंकड़ा 1,18,478.02 लाख रुपये दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मानसून से सबसे अधिक कुल आर्थिक नुकसान कांगड़ा में 372.97 लाख रुपये, चंबा में 273.63 लाख रुपये, मंडी में 257.67 लाख रुपये और शिमला में 259.85 लाख रुपये दर्ज किया गया है।