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Himachal Weather: कुल्लू की गड़सा घाटी में फटा बादल, चार पुल, तीन घर बहे, चंबा में एक की मौत
Tue, 25 Jul 2023 06:51 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला ब्यूरो/ संवाद, शिमला/कुल्लू/चंबा
अमर उजाला ब्यूरो/ संवाद, शिमला/कुल्लू/चंबा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 25 Jul 2023 06:51 PM IST
सार
प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई।
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Himachal Pradesh Weather
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कुल्लू जिले की गड़सा घाटी में मंगलवार तड़के 4:00 बजे बादल फटने से पंचा नाले और हुरला नाले में बाढ़ आ गई। इससे तीन मकान बह गए, जबकि दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 17 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। तीन पैदल और एक वाहन योग्य पुल भी बह गए हैं। एक गाड़ी भी गड़सा खड्ड में बह गई। कुछ मवेशी लापता हैं। भुंतर-गड़सा मनियार मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
बादल फटने से करीब 100 बीघा निजी और सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचा है। सो रहे लोगों को बाढ़ की जैसे ही भनक लगी वे घर और सारा सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और अपनी जान बचाई। उधर, पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। सुरेंद्र कुमार का एक कमरे का मकान और दुकान समेत तीन खोखे बह गए हैं। ब्रह्मगंगा प्रोजेक्ट का पावर हाउस बाल-बाल बच गया है। कुल्लू के मलाणा प्रोजेक्ट के बांध के ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। लोगों को अलर्ट किया हुआ है। हालांकि, खतरा टल गया है।
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बादल फटने से करीब 100 बीघा निजी और सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचा है। सो रहे लोगों को बाढ़ की जैसे ही भनक लगी वे घर और सारा सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और अपनी जान बचाई। उधर, पार्वती घाटी के मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ है। सुरेंद्र कुमार का एक कमरे का मकान और दुकान समेत तीन खोखे बह गए हैं। ब्रह्मगंगा प्रोजेक्ट का पावर हाउस बाल-बाल बच गया है। कुल्लू के मलाणा प्रोजेक्ट के बांध के ऊपर से पानी बहने का सिलसिला जारी है। लोगों को अलर्ट किया हुआ है। हालांकि, खतरा टल गया है।
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वहीं, चंबा के होली के मछेतर में जलप्रवाह के साथ होने वाले भूमि कटाव और गिरने वाले पेड़ों की चपेट में आने से कांगड़ा के बैजनाथ निवासी विजय सिंह (58) की मौत हो गई है। दो पुलिया बह गईं और मच्छेतर में चार मकानों में पानी घुस गया। क्षेत्र में कार्यरत कंपनी के डंपर, कंटेनर, टिपर, एंबुलेंस और अन्य मशीनें भी बाढ़ की चपेट में आ गईं। कंपनी का लोडर औंधे मुंह गिर गया, जिससे पानी का प्रवाह दूसरी ओर मुड़ गया, नहीं तो पूरा गांव तबाह हो सकता था। मंगलवार को मंडी के पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पौंग बांध से भी 50 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने का अलर्ट जारी किया है।।