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निजी विश्वविद्यालयों का दौरा करेगी अधीनस्थ विधायन समिति
Fri, 26 Mar 2021 10:36 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 26 Mar 2021 10:36 AM IST
सार
- संस्थानों ने नहीं सौंपी है समिति को 2010-11 से 2019-20 तक की ऑडिट रिपोर्ट
- रिपोर्ट न देने पर सख्त रुख अपना सकती है समिति, संचालन पर भी गहरा सकता है संकट
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मनमानी के चलते विभिन्न जांच एजेंसियों से चौतरफा घिरे हिमाचल प्रदेश के नौ निजी विश्वविद्यालयों का अब हिमाचल प्रदेश विधानसभा की अधीनस्थ विधायन समिति दौरा करेगी। समिति अध्यक्ष ने समिति सचिव को सभी विश्वविद्यालयों का दौरा करने के लिए कार्यक्रम बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन सभी विश्वविद्यालयों में समिति जाकर देखेगी कि विश्वविद्यालय कैसे काम करेंगे।
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समिति के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की हर सरकारी कंपनी, निगम-बोर्ड और अन्य स्वायत्तशासी संगठन को वार्षिक प्रतिवेदन देना जरूरी होता है। मानव भारती विश्वविद्यालय समेत नौ निजी विश्वविद्यालय विधानसभा की समिति के आदेशों की अनुपालना नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ सख्ती जरूरी है। अगर संस्थान ऑडिट रिपोर्ट मुहैया नहीं कराते हैं तो समिति उनके खिलाफ मान्यता से लेकर मिलने वाली वित्तीय सहायता तक पर रोक के निर्देश जारी कर सकती है।
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बता दें कि प्रदेश की सभी निजी व सरकारी संस्थाओं को विधानसभा की इस समिति के पास अपनी सालाना ऑडिट रिपोर्ट भेजना आवश्यक होता है। समिति इन ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन करती है। इसके बाद समिति एक रिपोर्ट विधानसभा में पेश करती है।
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फिलहाल, मानव भारती विश्वविद्यालय, महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय, बाहरा विश्वविद्यालय, साईं विश्वविद्यालय, इटरनल विश्वविद्यालय, अरनी विश्वविद्यालय, चिटकारा विश्वविद्यालय, इंडस इंटरनेशनल विश्वविद्यालय और बद्दी यूनिवर्सिटी ऑफ इमर्जिंग एवं मैनेजमेंट साइंसेज ने 2010-11 से 2019-20 तक की काई भी रिपोर्ट समिति को नहीं सौंपी है। इसके अलावा 64 अन्य सरकारी व अर्ध सरकारी संगठनों ने भी किसी किसी वर्ष की रिपोर्ट नहीं सौंपी है, जिस पर समिति ने सभी को तत्काल देरी के कारणों के साथ रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।