बर्फ के फाहों के बीच हुआ था हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व का एलान
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हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का एलान शिमला के रिज मैदान से बर्फ के गिरते फाहों के बीच हुआ था। 25 जनवरी 1971 के दिन पूर्ण राज्य के रूप में हिमाचल को एक अलग पहचान मिली थी। हिमाचल देश का 18वां राज्य बना था। उस दिन शिमला सफेद चादर ओढ़े था। हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को 18वां राज्य बनाने का श्रेय जाता है।
वे इस दिन लेडीज पार्क में नाटी पर खूब झूमे थे। महात्मा गांधी की प्रतिमा से ठीक ऊपर टका बेंच से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का एलान किया था। बताते हैं कि अनाडेल से रिज मैदान तक पहुंचने के लिए इंदिरा गांधी को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। प्रदेश को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा दिलाने का योगदान भी स्वतंत्रता सेनानी, हिमाचल निर्माता और हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को जाता है।
कड़ाके की ठंड में भी यह घोषणा सुनने के लिए रिज मैदान पर हजारों लोग जमा थे। इस एलान के बाद नाटियों का दौर शुरू हुआ था। लेडीज पार्क जिसे आज रानी झांसी पार्क कहते हैं। इसमें चल रही नाटी में हिमाचल निर्माता और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार समेत प्रदेश के कई नेता और आम जन खूब नाचे थे।
यह है हिमाचल का संक्षिप्त इतिहास
- 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल अस्तित्व में आया।
- 26 जनवरी 1950 को हिमाचल को पार्ट सी स्टेट का दर्जा मिला।
- 1 जुलाई 1954 को बिलासपुर हिमाचल का हिस्सा बना।
- 1 नवंबर 1956 को हिमाचल को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
- 1 नवंबर 1966 को पंजाब के कई हिस्से कांगड़ा समेत हिमाचल में शामिल हुए।
- 18 दिसंबर 1970 को हिमाचल प्रदेश एक्ट पास किया गया।
- 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।