Shimla News: नगर निगम शिमला का रोस्टर जारी, देखिए कौन-कौन से वार्ड हुए ओपन और कौन से रिजर्व
नगर निगम चुनाव के लिए सरकार की ओर से आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद राजधानी में सियासत गरमा गई है। नया रोस्टर लागू होने से इस बार 12 निवर्तमान पार्षद अपने वार्ड से दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
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राजधानी में नगर निगम चुनाव के लिए सरकार ने वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। शहरी विकास सचिव देवेश कुमार की ओर से शनिवार को इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी गई। नगर निगम चुनाव में इस बार नया रोस्टर लागू किया जाएगा। इसके अनुसार 34 वार्डों में से 17 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। नियमानुसार शहर के छह वॉर्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होंगे। कुछ दिन पहले जो संभावित रोस्टर जारी हुआ था, उसमें कुछ बदलाव के बाद सरकार ने अंतिम रोस्टर जारी किया है।
हालांकि यह बदलाव सिर्फ आरक्षित वर्ग के छह वार्डों के रोस्टर में ही हुआ है। संभावित रोस्टर में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित छह वार्डों में वह तीन वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किए थे जिनमें महिला जनसंख्या प्रतिशतता कम थी। अब सरकार की ओर से जारी आधिकारिक रोस्टर में अधिकतम महिला जनसंख्या प्रतिशतता वाले वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किए हैं। इसके अलावा बाकी रोस्टर संभावित रोस्टर के अनुसार ही जारी किया है। रोस्टर जारी होने के बाद अब अप्रैल के अंत या मई के पहले हफ्ते में नगर निगम चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।
जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग नगर निगम चुनाव का शेड्यूल जारी कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ रोस्टर जारी होते ही अब पूर्व पार्षदों ने चुनाव लड़ने को लेकर गठजोड़ शुरू कर दिया है। प्रत्याशी का पद पाने के लिए नेताओं के यहां चक्कर काट रहे हैं। हर पार्षद की कोशिश है कि उन्हें वार्ड से राजनीतिक दल प्रत्याशी घोषित करें। आने वाले दिनों में वार्डों में अब चुनाव को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता वार्ड के लोगों से नजदीकियां बढ़ाने लगे हैं।
शहर का कौन सा वार्ड आरक्षित, कौन अनारक्षित
वार्ड रोस्टर
भराड़ी अनारक्षित
रुल्दूभट्ठा महिला
कैथू महिला
अनाडेल अनुसूचित जाति महिला
समरहिल अनारक्षित
टुटू महिला
मज्याठ महिला
बालूगंज अनारक्षित
कच्चीघाटी महिला
टुटीकंडी महिला
वार्ड रोस्टर
नाभा अनुसूचित जाति महिला
फागली अनुसूचित जाति
कृष्णानगर अनुसूचित जाति
रामबाजार महिला
लोअर बाजार महिला
जाखू अनारक्षित
वार्ड रोस्टर
बैनमोर अनारक्षित
इंजनघर अनारक्षित
संजौली महिला
अपर ढली अनारक्षित
लोअर ढली महिला
शांति विहार अनारक्षित
भट्ठाकुफर अनारक्षित
वार्ड रोस्टर
सांगटी अनारक्षित
मल्याणा महिला
पंथाघाटी महिला
कसुम्पटी महिला
छोटा शिमला अनारक्षित
विकासनगर अनुसूचित जाति महिला
कंगनाधार अनारक्षित
पटयोग अनारक्षित
न्यू शिमला महिला
खलीनी अनुसूचित जाति
कनलोग अनारक्षित
22 निवर्तमान पार्षदों को फिर चुनाव लड़ने का मिला मौका
नगर निगम चुनाव के लिए सरकार की ओर से आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद राजधानी में सियासत गरमा गई है। नया रोस्टर लागू होने से इस बार 12 निवर्तमान पार्षद अपने वार्ड से दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इनके वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं। वहीं 22 निवर्तमान पार्षदों के पास इस बार भी चुनाव मैदान में उतरने का मौका है। हालांकि, पार्टी से इस बार इन्हें टिकट हासिल करना आसान नहीं होगा।
रोस्टर के अनुसार शहर के नौ वार्ड ऐसे हैं जहां निवर्तमान पार्षद सीधे तौर पर टिकट की दौड़ में शामिल होंगे। इनके वार्ड इस बार भी महिला या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण यह पार्टी से टिकट के लिए अपना दावा ठोक सकते हैं। इनमें अनाडेल, फागली, नाभा, कृष्णानगर, संजौली, विकासनगर, न्यू शिमला, रामबाजार, खलीनी वार्ड शामिल हैं।
वहीं बालूगंज, समरहिल, भराड़ी, अपर ढली, शांति विहार, बैनमोर, जाखू, इंजनघर, भट्ठाकुफर, छोटा शिमला, कंगनाधार, पटयोग, कनलोग समेत कुल 13 वार्ड ऐसे हैं जो इस बार अनारक्षित हो गए हैं। बीते चुनाव में यह महिलाओं के लिए आरक्षित थे। हालांकि, यहां से चुनाव जीतकर आईं निवर्तमान महिला पार्षद इस बार अनारक्षित वार्ड से भी दावा ठोक सकती हैं लेकिन इन्हें टिकट के लिए पुरुष दावेदारों की चुनौती होगी। पार्टी तय करेगी कि अनारक्षित वार्ड से निवर्तमान पार्षदों को टिकट देना है या नहीं।
इन वार्डों के निवर्तमान पार्षदों का सपना टूटा
शहर के 12 वार्डों रुल्दूभट्ठा, कैथू, कच्चीधाटी, टुटू, मज्याठ, टुटीकंडी, लोअर बाजार, लोअर ढली, मल्याणा, सांगटी, पंथाघाटी, कसुम्पटी वार्ड निवर्तमान पार्षदों का अपने वार्ड से चुनाव लड़ने का सपना टूट गया है। इनके वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं।
नगर निगम शिमला चुनाव के संभावित आरक्षण रोस्टर पर कल होगी सुनवाई
वहीं, नगर निगम शिमला के चुनाव के संभावित आरक्षण रोस्टर को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आकस्मिक अवकाश के कारण इस मामले की सुनवाई अब सोमवार को निर्धारित की गई है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ के समक्ष शनिवार को इस मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत के समक्ष सूचीबद्ध करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता किमी सूद के अधिवक्ता ने बताया कि शनिवार को चुनाव को लेकर आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है। इसके चलते अब संशोधित याचिका के जरिये इसे चुनौती दी जाएगी। अभी हाईकोर्ट के समक्ष नगर निगम चुनाव के संभावित आरक्षण रोस्टर को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया है कि आरक्षण रोस्टर के मापदंड गैरकानूनी हैं।
किसी जाति, लिंग और धर्म विशेष के आधार पर आरक्षण के लिए मापदंड तय करना संविधान के विपरीत है। संभावित रोस्टर में छह वार्डों में से जिन तीन वार्डों में महिलाओं की जनसंख्या कम थी, उन्हें अनुसूचित जाति महिलाओं के लिए आरक्षित किया था। इसमें 14 वार्ड महिलाओं के आरक्षित थे। इसके अलावा छह वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इसमें से तीन अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होंगे। 14 वार्ड अनारक्षित कर दिए थे। रोस्टर के अनुसार भराड़ी, समरहिल, बालूगंज, जाखू, बैनमोर, इंजनघर, अपर ढली, शांति विहार, भट्ठाकुफर, सांगटी, छोटा शिमला, कंगनाधार, पटयोग और कनलोग वार्ड अनारक्षित हो गए हैं। बीते चुनाव में यह वार्ड महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। इस बार इन वार्डों से पुरुष उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में उतर सकेंगे। याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई है कि आरक्षण रोस्टर के लिए तय मापदंडों को निरस्त किया जाए।