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Himachal: सरकार ने बिजली बोर्ड से छीनी चंबा जिले में निर्माणाधीन चार परियोजनाएं, ये रही वजह
Fri, 30 Jun 2023 12:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 30 Jun 2023 12:50 PM IST
सार
सूत्रों ने बताया कि बोर्ड प्रबंधन की ओर से प्रोजेक्ट निर्माण में देरी करने के चलते सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड से चंबा जिला में निर्माणाधीन 67 मेगावाट क्षमता की चार परियोजनाएं छिन ली हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मंजूरी के बाद अब राज्य पावर कारपोरेशन को साई कोठी एक और दो, देवी कोठी और हेल परियोजना का जिम्मा सौंपा गया है। ऊर्जा सचिव राजीव शर्मा ने बोर्ड के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा को पत्र भेजकर चारों परियोजनाओं का रिकॉर्ड पावर कॉरपोरेशन को सौंपने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
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सूत्रों ने बताया कि बोर्ड प्रबंधन की ओर से प्रोजेक्ट निर्माण में देरी करने के चलते सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। पूर्व की जयराम सरकार ने जिला चंबा में 15 मेगावाट की साई कोठी एक, 18 मेगावाट की साई कोठी दो, 16 मेगावाट की देवी कोठी और 18 मेगावाट क्षमता की हेल परियोजना के निर्माण का जिम्मा अक्तूबर 2022 में राज्य बिजली बोर्ड को सौंपा था।
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इसके लिए जर्मनी के केएफडब्ल्यू बैंक से 666 करोड़ की वित्तीय सहायता लेने के लिए नई दिल्ली में भारत सरकार और जर्मनी के बैंक के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ था। जिला चंबा के तीसा क्षेत्र में इन चार परियोजनाओं का निर्माण होना है। समझौते के तहत 80 मिलियन यूरो (लगभग 654 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता राशि के साथ-साथ 1.5 मिलियन यूरो (लगभग 12 करोड़ रुपये) का वित्तीय अनुदान शामिल था।
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अब पावर कॉरपोरेशन को परियोजनाएं देने से नए सिरे से निर्माण करने के लिए किसी बैंक के साथ समझौता किया जाएगा। उधर, बिजली बोर्ड को अपनी सुस्त कार्यप्रणाली के चलते इन चार परियोजनाओं से हाथ धोना पड़ा है। पूरे घटनाक्रम ने बोर्ड के चीफ इंजीनियर प्रोजेक्ट कार्यालय पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। बोर्ड से प्रोजेक्ट छिनने से अब इस कार्यालय का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है।