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बैंक गारंटी के लिए बाध्य करने पर भड़के डॉक्टर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:26 PM IST
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प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार से पिछले सप्ताह वार्तालाप होने के बावजूद स्नातकोत्तर पॉलिसी पर कोई मसौदा तैयार नहीं किया जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीवानंद चौहान, महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, डॉ. ओम पाल शर्मा, डॉ. देवेंद्र कुमार और डॉ. ललित कुमार ने कहा कि संघ ने सरकार से आह्वान किया था कि पीजी के लिए बैंक गारंटी को खत्म किया जाए और इसे हरियाणा और पंजाब के मुताबिक बनाया जाए।
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ताकि प्रदेश के युवा चिकित्सक पैसे की कमी के वजह से विशेषज्ञता हासिल करने से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि एक तरफ इस बारे संघ से वार्ता की जा रही जबकि दूसरी तरफ प्रशिक्षु चिकित्सक को जल्द से जल्द बैंक गारंटी देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पुष्पेंद्र ने कहा कि जब हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में जहां प्रतिव्यक्ति आय भी हिमाचल से बेहतर है। और अगर यह राज्य बैंक गारंटी खत्म कर चुके हैं तो प्रदेश में यह गारंटी क्यों खत्म नहीं की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि बाकि राज्यों से हिमाचल सरकार को सीख लेनी चाहिए। पुष्पेंद्र ने कहा कि इन राज्यो में बेहतर नीतियां होने से प्रदेश के युवा चिकित्सक इन राज्यों में नौकरियां ज्वाइन कर रहे हैं। पुष्पेंद्र ने कहा कि दूसरी तरफ नियमित पदोन्नति ना करते हुए आदेश जारी किए जा रहे हैं कि किसी विशेष मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन करने पर सीधा प्रोफेसर बना दिए जाएंगे जो कि बेहतर निर्णय नहीं है। उन्होंने कहा किसी भी तरह की सेवा विस्तार प्रशासनिक पदों पर न हो। नियमित डीपीसी कर जल्द से जल्द इन प्रशासनिक पदों को भरा जाए।
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