बाल आश्रमों में महफूज नहीं बेटियां, दावों की खुली पोल
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बेटियों की सुरक्षा को लेकर भले ही सरकार बड़े-बड़े कानून बना रही हो, लेकिन धरातल पर ये खोखले ही साबित हो रहे हैं। हालात ये हैं कि लड़कियां शिक्षण संस्थान तो दूर घर में भी सुरक्षित नहीं हैं। इसका खुलासा चंबा जिले के बालिका आश्रम में सामने आया है।
छात्राओं की ओर से तीन कर्मचारियों पर लगाए छेड़छाड़ के आरोपों के बाद अब जिले भर में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन तक सोचने पर विवश हो गया है। बालिका आश्रम में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ संबंधी यह दूसरा मामला है।
वर्ष 2002 में आश्रम के एक कर्मचारी ने एक छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया था। उसे कोर्ट में दो साल की सजा भी हुुई थी। बाद में छात्रा ने अपना ब्यान बदल दिया। इसके बाद उसकी रिहाई हो पाई। उस दौरान पोस्को एक्ट नहीं था।
इसके चलते आरोपी को लंबी सजा नहीं हो पाई। उस घटना के बाद भी प्रशासन ने आश्रम में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं किए। अब आश्रम में छह छात्राओं ने कर्मचारियों पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी ही बन रहे भक्षक
इनसे पुलिस गंभीरता से पूछताछ कर रही है। बालिका आश्रम में बार-बार दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाएं होना चिंता का विषय है। इस पर सरकार और प्रशासन को कड़ा संज्ञान लेने की जरूरत है, क्योंकि यह मामला छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा है।
वर्ष 2002 में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आश्रम में कड़े कदम उठाए गए होते तो शायद आज इस प्रकार की घटना देखने को नहीं मिलती। छात्राओं की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी ही उनके भक्षक बन रहे हैं।
तीसा में बालिका आश्रम के साथ एक सरकारी स्कूल में भी छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आ चुका है।
उधर, डीसी चंबा ने बताया कि बालिका आश्रम में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर यहां दो गृहरक्षक महिला जवानों की तैनाती करने बारे निर्देश जारी किए गए है। साथ ही यहां से पूरा स्टाफ बदला जा रहा है।
दोषियों के खिलाफ करेंगे सख्त कार्रवाई
सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने बताया है कि चंबा में हुई घटना को लेकर पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। बाल कल्याण परिषद की महासचिव राजकुमारी सोनी मौके पर हैं।
निदेशालय इस मामले को लेकर जिला प्रशासन के साथ परस्पर संपर्क में है। बच्चियों को किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी जारी है। आश्रम के स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।