{"_id":"5e53c7588ebc3ef3963adcc9","slug":"himachal-pradesh-budget-session-2020-from-today-and-governor-bandaru-dattatreya-speech","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: जयराम सरकार का तीसरा बजट सत्र आज से, राज्यपाल के अभिभाषण से होगा आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: जयराम सरकार का तीसरा बजट सत्र आज से, राज्यपाल के अभिभाषण से होगा आगाज
Tue, 25 Feb 2020 10:28 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 25 Feb 2020 10:28 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश की तेहरवीं विधान सभा का बजट सत्र मंगलवार को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। सत्र के सुचारू संचालन के लिए की जा रही तैयारियां पूरी हो चुकी है। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष हंस राज ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ तैयारियों पर अंतिम बैठक की।
विज्ञापन
इस सत्र में कुल 22 बैठकें होंगी। 6 मार्च को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट अनुमान प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद 9 से 14 मार्च तक बजट अनुमान पर चर्चा होगी। 15 मार्च से 22 मार्च तक ब्रेक होगा जिसमें सदन की समितियां बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2020-21 की संवीक्षा करेंगी। 26 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद अनुपूरक बजट तथा 27 फरवरी को चर्चा होगी।
विज्ञापन
23 से 27 मार्च तक बजट अनुमान की मांगों पर 4 दिन चर्चा एवं मतदान होगा और 27 मार्च को विनियोग विधेयक पुरूविस्थापित एवं पारित किया जाएगा। इस सत्र में दो बैठकें गैर सरकारी सदस्य कार्य के लिए निर्धारित की गई है। वहीं, नियम 62 के अंतर्गत 2 सूचनाएं, नियम 101 की 4, नियम 130 की 5 तथा नियम 324 के तहत 2 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
विज्ञापन
विधानसभा उपाध्यक्ष हंस राज ने बताया कि सत्र में अभी तक सदस्यों से 989 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई है जिसमें 732 तारांकित प्रश्नों तथा 257 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई है। इनमें से अधिकतर प्रश्न नियमानुसार सरकार को कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिये गये है। प्रश्नों में ज्यादातर सड़कों की दयनीय स्थिति, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, प्रदेश में स्कूलों, महाविद्यालय, स्वास्थ्य संस्थानों इत्यादि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पद पूर्ति आदि पर आधारित है।