12 साल के ओजस में गजब का हुनर, किताब में लिखे खगोल के रहस्य,विदेश से ऑनलाइन आ रहे ऑर्डर
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सात साल की उम्र में जब बच्चा क, ख, ग सीखता है उस समय सपरून का ओजस खगोल विज्ञान के रहस्यों को खोजने में लग गया था। पांच साल बाद आखिर उसने अपनी किताब पूरी कर ली। स्कूल की छुट्टियों में होमवर्क करने के बाद खाली समय में वह अपनी किताब को लिखने में जुट जाता था।
बचपन से ही उसे यह गुण अपने पिता रामानंद शर्मा से मिले जो न्यायालय में रीडर हैं। उन्होंने उसे प्रेरित किया। पांच सालों में उसने 10 हजार शब्दों और 19 चैप्टर की एक किताब ‘क्लीयरिंग दी कोस्मिक मैसेस’ लिख डाली। उसने पूरी किताब कागज पर लिखने के बजाय कंप्यूटर पर टाइप की है। व्हाइट फॉल्कन
पब्लिशर्स ने इस किताब को प्रकाशित किया है। आज इस किताब के लिए देश-विदेश से ऑनलाइन ऑर्डर आ रहे हैं। ओजस ने बताया कि शुरुआत में उसने थियोरी लिखने के बारे में सोचा। धीरे-धीरे खगोल शास्त्र से जुडे़ रहस्यों को एकत्रित करना शुरू कर दिया। बाद में इसे किताब का रूप दे दिया।
पंजाब, आयरलैंड से आए ऑर्डर, अब कराएंगे पेटेंट
ओजस ने बताया कि इस किताब में बच्चों को खगोल से संबंधी लॉजिक मिलेंगे। सोलन के शूलिनी विश्वविद्यालय ने थियोरी से प्रभावित होकर सम्मानित किया और फैलोशिप दी। इसकी कीमत अभी तय होना बाकी है। सोलन के सेंट ल्यूकस स्कूल के छात्र ओजस हिमाचल के सबसे कम उम्र के लेखक के रूप में उभरे हैं।
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ओजस ने बताया कि उसकी छपी किताब को लेकर सोलन ही नहीं बल्कि पंजाब, आयरलैंड और अन्य राज्यों से भी खरीदने के लिए आर्डर आए हैं। लोग किताब को पसंद कर रहे हैं। अभी तक 20 के करीब ऑर्डर आ चुके हैं।
खास बात यह है कि अब ओजस का मकसद अपनी थियोरी और समार्ट फोन के डिजाइन को पेटेंट करवाना है। इसके लिए उन्होंने विवो कंपनी से संपर्क साधा है।