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हिमाचल प्रदेश: 126-300 यूनिट बिजली पर ₹1.72 सब्सिडी बहाल, बोर्ड को निर्देश जारी; सुक्खू सरकार ने दी राहत
Mon, 06 Apr 2026 11:16 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:16 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने 126 से 300 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी बहाल कर दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को दो बिजली मीटरों पर 126 से 300 यूनिट तक भी सब्सिडी मिलेगी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संज्ञान लेते हुए सब्सिडी को बहाल करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सोमवार को ऊर्जा विभाग की ओर से संशोधित अधिसूचना जारी की गई। सरकार के इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। इन उपभोक्ताओं को अब 1.71 रुपये प्रति यूनिट बिजली सस्ती मिलेगी। जिन घरेलू उपभोक्ताओं के दो से अधिक मीटर होंंगे, उन्हें 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिल आएंगे।
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बिजली सब्सिडी को लेकर एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को एक राशन कार्ड पर जुड़े दो बिजली मीटरों के लिए 126 से 300 यूनिट तक की खपत पर भी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद लिया गया है। ऊर्जा विभाग की ओर से जारी संशोधित आदेशों के तहत बिजली बोर्ड को तुरंत प्रभाव से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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सूत्रों के अनुसार, पहले जारी व्यवस्था में 126 से 300 यूनिट के स्लैब पर स्पष्टता नहीं थी, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन रही थी। इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सरकार ने मामले की समीक्षा की और अब इस स्लैब पर भी सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है।
अब इतनी सस्ती मिलेगी बिजली
नई व्यवस्था के अनुसार, 126 से 300 यूनिट तक खपत पर 1.71 रुपये प्रति यूनिट तक की सब्सिडी मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को इस स्लैब में राहत मिलेगी और प्रभावी दर करीब 4.17 रुपये प्रति यूनिट रह जाएगी।
अब इतनी सस्ती मिलेगी बिजली
नई व्यवस्था के अनुसार, 126 से 300 यूनिट तक खपत पर 1.71 रुपये प्रति यूनिट तक की सब्सिडी मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को इस स्लैब में राहत मिलेगी और प्रभावी दर करीब 4.17 रुपये प्रति यूनिट रह जाएगी।
दो मीटर तक ही मिलेगा लाभ सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो मीटर पर ही सब्सिडी लागू होगी। दोनों मीटरों पर 300 यूनिट तक यह राहत मिलेगी।
दो से अधिक मीटर वालों को नहीं राहत
जिन उपभोक्ताओं के घर में दो से अधिक बिजली मीटर हैं, उन्हें तीसरे या उससे अधिक मीटर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसे उपभोक्ताओं को पूरी दर यानी 5.89 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा।
दो से अधिक मीटर वालों को नहीं राहत
जिन उपभोक्ताओं के घर में दो से अधिक बिजली मीटर हैं, उन्हें तीसरे या उससे अधिक मीटर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसे उपभोक्ताओं को पूरी दर यानी 5.89 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा।
सिस्टम से होगा मीटर चयन
बिजली बोर्ड के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास दो से अधिक मीटर हैं, उनमें से दो मीटर का चयन बिलिंग सिस्टम द्वारा स्वतः किया जाएगा। उपभोक्ता चाहें तो इस चयन को ऑनलाइन या संबंधित उपमंडल कार्यालय में बदल भी सकते हैं।
राशन कार्ड लिंकिंग जरूरी
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता आईडी को राशन कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक लिंकिंग नहीं करवाई है, उन्हें जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार का फोकस—लक्षित राहत
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक ही सब्सिडी पहुंचाना है। दो मीटर की सीमा तय कर एक ही परिवार द्वारा अधिक लाभ लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।
निष्कर्ष
नई व्यवस्था से जहां मध्यम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, वहीं अधिक मीटर रखने वालों के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई है। सरकार के इस कदम को संतुलित और लक्षित सब्सिडी की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बिजली बोर्ड के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास दो से अधिक मीटर हैं, उनमें से दो मीटर का चयन बिलिंग सिस्टम द्वारा स्वतः किया जाएगा। उपभोक्ता चाहें तो इस चयन को ऑनलाइन या संबंधित उपमंडल कार्यालय में बदल भी सकते हैं।
राशन कार्ड लिंकिंग जरूरी
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता आईडी को राशन कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक लिंकिंग नहीं करवाई है, उन्हें जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार का फोकस—लक्षित राहत
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक ही सब्सिडी पहुंचाना है। दो मीटर की सीमा तय कर एक ही परिवार द्वारा अधिक लाभ लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की कोशिश की गई है।
निष्कर्ष
नई व्यवस्था से जहां मध्यम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, वहीं अधिक मीटर रखने वालों के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई है। सरकार के इस कदम को संतुलित और लक्षित सब्सिडी की दिशा में अहम माना जा रहा है।