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हिमाचल: करीब पांच साल तक सुरक्षा में रही तैनात, अब पुलिस की लैब्राडोर डोरा को चाहिए ऐसा घर जहां मिले अपनापन

Sun, 13 Sep 2026 12:08 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 13 Sep 2026 12:08 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश पुलिस की एक्सप्लोसिव डिटेक्शन स्क्वायड की सदस्य डोरा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते पुलिस ड्यूटी से विदा हो गई है। वर्ष 2021 में पुलिस का हिस्सा बनी डोरा ने सुरक्षा अभ्यासों और महत्वपूर्ण आयोजनों में सेवाएं दीं। अब पुलिस उसके लिए ऐसे परिवार की तलाश कर रही है, जहां वह स्नेह और देखभाल के बीच जीवन बिता सके।

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नए घर और परिवार के प्यार की तलाश में डोरा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

करीब पांच साल तक हिमाचल प्रदेश पुलिस की सुरक्षा टीमों का हिस्सा रही लैब्राडोर डोरा अब कठिन ड्यूटी से विदा हो गई है। एक्सप्लोसिव डिटेक्शन स्क्वायड की सदस्य डोरा को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते मेडिकल ग्राउंड पर रिटायर किया गया है। पुलिस ने अब उसके लिए नीलामी के बजाय गोद लेने की व्यवस्था शुरू की है, ताकि उसके जीवन का अगला पड़ाव किसी परिवार के स्नेह और देखभाल के बीच बीते।
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डोरा वर्ष 2021 में हिमाचल पुलिस का हिस्सा बनी थी। इसके बाद उसने सैनिटाइजेशन, सुरक्षा अभ्यासों और महत्वपूर्ण आयोजनों में सुरक्षा टीमों के साथ काम किया। वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान संभावित विस्फोटक खतरों की पहचान करने में भी उसने अपनी भूमिका निभाई। ड्यूटी के दौरान डोरा ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया।

डॉग शो में भी जीता था पहला स्थान
पुलिस ड्यूटी के साथ डोरा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन प्रतियोगिताओं में भी किया। वर्ष 2024 में शिमला इंटरनेशनल समर फेस्टिवल के डॉग शो में उसने प्रथम स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि ने उसे पुलिस महकमे के साथ-साथ लोगों के बीच भी पहचान दिलाई।

पिछले कुछ समय से डोरा पुरानी बीमारी से जूझ रही है। इसके कारण उसकी चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हुई है। पशु चिकित्सकों की सलाह पर पुलिस ने उसे रिटायर करने का फैसला लिया। डोरा अब विस्फोटक पहचानने जैसी कठिन पुलिस ड्यूटी नहीं कर सकती, लेकिन एक अच्छे पालतू कुत्ते के रूप में सामान्य पारिवारिक जीवन बिता सकती है।

पुलिस कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता
आईजी रानी बिंदु ने कहा कि डोरा अब कठिन पुलिस ड्यूटी नहीं कर सकती, लेकिन वह एक अच्छे पालतू कुत्ते के रूप में रह सकती है। इसी सोच के साथ उसके लिए उपयुक्त परिवार की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने करीब दो महीने पहले रिटायर सर्विस डॉग्स को लेकर अपनी नीति में बदलाव किया है। अब ऐसे कुत्तों को नीलाम करने के बजाय उपयुक्त परिवारों को गोद देने की व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया में पुलिस कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि आम लोग भी आवेदन कर सकेंगे।

परिवार की क्षमता जांचेगी पुलिस
डोरा को गोद लेने वाले परिवार की पृष्ठभूमि और कुत्ते की देखभाल करने की क्षमता की जांच की जाएगी। आवेदक को अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह डोरा की उचित देखभाल करेगा। इसके बाद पुलिस उसकी देखभाल और स्थिति पर नजर रखेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसे सुरक्षित और अच्छा माहौल मिल रहा है।

पुलिस के लिए डोरा सिर्फ एक सर्विस डॉग नहीं, बल्कि वर्षों तक सुरक्षा ड्यूटी निभाने वाली टीम की सदस्य रही है। अब विभाग की कोशिश है कि बीमारी और उम्र के इस पड़ाव पर उसे ऐसा घर मिले, जहां उसे आराम, अपनापन और जरूरी देखभाल मिल सके।
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