हिमाचल पुलिस का कारनामा, शर्म से झुक जाएगा सिर
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कुल्लू दशहरे में ड्यूटी दे रहे जवान एक स्कूल में ठहराए गए। लेकिन इन जवानों ने यहां ऐसा काम कर डाला कि स्कूल पहुंचे छात्र और शिक्षक भी दंग रह गए। मामला हिमाचल के कुल्लू का है। यहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ढालपुर में सैकड़ों शराब की खाली बोतलों का जखीरा बरामद हुआ है। यहां दशहरा उत्सव में अपनी सेवाएं देने के लिए पुलिस कर्मियों को ठहराया गया था।
लिहाजा, ये बोतलें भी पुलिस कर्मियों ने ही गटकीं होंगी। ऐसे में कानून के रखवालों ने प्रशासन के नाक तले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान शिक्षा के मंदिर को सात दिनों तक मयखाना बनाए रखा। लेकिन, जिला प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी और स्कूल प्रशासन भी इस मसले को लेकर मूक दर्शक बना रहा जबकि कायदे से स्कूल प्रशासन को इसकी शिकायत जिला प्रशासन को करनी चाहिए थी।
छात्रों ने छोड़ा स्कूल आना
यह खुलासा तब हुआ जब अंतरराष्ट्रीय दशहरा पर्व समाप्त हुआ और वहां ठहरे हुए पुलिस जवान वापस रवाना हुए। बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्होंने अपनी आंखों से इस मयखाने का पूरा नजारा देखा। यही नहीं, दशहरा पर्व की छुट्टियों के बाद जब पहले दिन स्कूल शुरू हुआ तो स्कूल प्रबंधन ने स्कूल के छात्रों से ही ये सारी बोतलें उठवाईं।
लेकिन, उसके बाद भी बोतलों का यह ढेर तीन दिनों तक परिसर में पड़ा रहा, जिस कारण बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया। पिछले दो दिनों से स्कूल में कक्षाएं नहीं लग रही हैं। अध्यापक स्कूल आते हैं और स्कूल में बच्चे नहीं होने के कारण वापस लौट रहे हैं। मजेदार बात तो यह है कि जब स्कूल परिसर में लगे बोतलों के ढेर की मीडिया को भनक लगी तो प्रशासन ने आनन फानन में सफाई कर्मचारियों को शनिवार को स्कूल परिसर में भेजा और बोतलों को उठावाया।
इधर, इस संदर्भ में स्कूल प्रधानाचार्य हेमराज शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने पुलिस के पांच सौ जवान स्कूल भवन में ठहराए थे जिन्होंने ये बोतलें गटकीं है। प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया मजबूरन बच्चों से सफाई करवानी पड़ी। उधर इस मामले को लेकर एसपी कुल्लू पदम चंद ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। मामले की छानबीन की जाएगी।