हिमाचल पुलिस भर्ती: पांच-पांच लाख में हुई थी डील, एक अभ्यर्थी ने बेच दी जमीन
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हिमाचल पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को पास करवाने के लिए अभ्यर्थियों से पांच-पांच लाख रुपये की डील हुई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि एक अभ्यर्थी ने तो अपनी जमीन तक बेच दी थी। इस पैसे से वह फर्जी तरीके से कांस्टेबल बनना चाहता था। मुख्य सरगना जवाली का बिक्रम है जिसने अभ्यर्थियों से एडवांस में कुछ पैसा और उनके दस्तावेज लिए थे।
लिखित परीक्षा पास करवाने के बाद पूरी रकम वसूली जानी थी। अब तक सॉल्वरों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी राजस्थान का भी है। सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद 16 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मुख्य सरगना अभी फरार चल रहा है।
पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा को पास करने के लिए एक अभ्यर्थी ने सॉल्वर को पैसे देने के लिए जमीन बेचकर पैसे जुटाए थे। इस बात का खुलासा पुलिस जांच में हुआ है। बताया जा रहा है कि एक अभ्यर्थी के साथ सिर्फ लिखित परीक्षा पास करने की डील हुई थी। जिसके लिए कांगड़ा जिला के अभ्यर्थियों से प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये की डील की गई थी।
उसके बाद व्यक्तिगत साक्षात्कार में अगर सॉल्वर से लिखित परीक्षा पास करने वाला अभ्यर्थी बाहर हो जाता है, तो वह उसकी जिम्मेवारी होगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर कोई अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास करने के लिए जमीन बेचकर पैसे जुटा सकता है तो व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए भी उस अभ्यर्थी ने कोई जुगाड़ लगाया हो सकता है।
ऐसे में अब मामले की जांच करने के लिए गठित एसआईटी हर पहलू से गंभीरता से जांच करने में जुट गई है। एएसपी कांगड़ा दिनेश कुमार ने कहा कि सिर्फ लिखित परीक्षा पास करवाने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में डील हुई थी। सॉल्वरों व अभ्यर्थियों से अभी इस मामले में पूछताछ जारी है।