पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में एक और गिरफ्तार, गिरोह का सरगना अभी तक फरार
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हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा पास कराने के फर्जीवाड़े में धरपकड़ जारी है। सोमवार रात पुलिस ने एक और युवक रजत (25) पुत्र अशोक कुमार निवासी बनेई (जवाली) को गिरफ्तार किया। रजत की जगह कोई और लिखित परीक्षा में बैठा था। पुलिस रजत की गिरफ्तारी को अहम मान रही है। माना जा रहा है कि रजत मास्टरमाइंड के बारे में कई खुलासे कर सकता है। हालांकि, गिरोह का सरगना जवाली का रहने वाला बिक्रम अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
फर्जीवाड़े में पुलिस अभी तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने मंगलवार को पांच और आरोपियों को पालमपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 16 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। भवारना थाने में आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्य सरगना बिक्रम के बारे में पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
एसपी विमुक्त रंजन ने बताया कि सोमवार तक कुल 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। मुख्य आरोपी बिक्रम को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। अभी जांच चल रही है। कई और गिरफ्तारियां संभावित हैं। मंगलवार को मनोज कुमार निवासी कंडवाल, विनीत कुमार निवासी जेहरु, बैजनाथ, कमल निवासी जैसर, जवाली, सोनू जरियाल निवासी कुठेड़ा जवाली, रजत निवासी बनेई जवाली को पालमपुर कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया।
सभी जिलों के परीक्षा केंद्रों की वीडियो फुटेज खंगालने की तैयारी
हिमाचल पुलिस में सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी की जांच शुरुआती दौर में भले ही कांगड़ा तक सीमित हो, लेकिन मुख्य आरोपी के पकड़ने के साथ सभी जिलों के केंद्रों की वीडियो फुटेज को भी खंगाला जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को वीडियो फुटेज, ओएमआर शीट और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखने को कहा है। माना जा रहा है कि आगे की जांच में इन सभी तथ्यों पर भी पुलिस काम करेगी।
बीते रविवार को पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में भारी गड़बड़ी की बात सामने आई थी। मामले में अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले साल 2016 की लिखित परीक्षा का परिणाम आने के बाद रिजल्ट के आधार पर गड़बड़ी को पकड़ा गया।
उसके आधार पर कई लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार की परीक्षा से पहले भले ही पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इनके अलावा भी कई अन्य ने अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी होगी।
यही वजह है कि परीक्षा वाली ओएमआर शीट को भी सील कर लिया है, ताकि इसकी मदद से भी उन बचे हुए संभावित आरोपियों तक पहुंचा जा सके। वीडियो फुटेज को भी इसलिए रखा गया है, ताकि परीक्षा देने वालों की हरकतें देखकर उनको पकड़ने में मदद मिल सके।