हिमाचल: पारोल के दंपती ने शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में पाया स्थान, चौथी बार प्राप्त किया मुकाम
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पारोल गांव के दंपती ने शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में नाम दर्ज करवाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
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वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पारोल गांव के दंपती ने शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में नाम दर्ज करवाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तहसील भोरंज के गांव पारोल के प्रो. अतुल ठाकुर व प्रो. प्रीति ठाकुर ने यह मुकाम हासिल किया है। दोनों को प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की वर्ष 2025 की रैंकिंग में विश्व के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। दोनों रैंकिंग एजेंसी की आजीवन कॅरियर उपलब्धि सूची में भी शामिल हैं। प्रो. अतुल वर्तमान में एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा, गुरुग्राम एमिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोटेक्नोलॉजी के निदेशक हैं। प्रो. अतुल और प्रो. प्रीति का शोध मुख्य रूप से चुंबकीय नैनो प्रौद्योगिकी और फेराइट्स के क्षेत्र पर केंद्रित है।
डॉ. करण दूसरी बार विश्व के टॉप 2 फीसदी वैज्ञानिकों में शामिल
वहीं, डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जालंधर के प्रतिभाशाली वैज्ञानिक डाॅक्टर करण वीर ने इतिहास रचा है। विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी टॉप दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में ऊना जिले के डॉ. करण वीर का नाम लगातार दूसरे वर्ष भी शामिल हुआ है। डॉ. करण का शोध क्षेत्र मेडिसिनल एवं बायोमोलेक्यूलर केमिस्ट्री है। उन्होंने पीएचडी की उपाधि थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पटियाला से प्राप्त की। इसके बाद प्रतिष्ठित डॉ. डीएस कोठारी पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के अंतर्गत अनुसंधान कार्य किया। उनके वैज्ञानिक योगदान ने न केवल एनआईटी जालंधर का मान बढ़ाया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले का भी नाम रोशन किया है। डॉ. करण वीर के पिता जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सादगीपूर्ण पारिवारिक माहौल से निकलकर बेटे की यह उपलब्धि पूरे ऊना जिले और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।