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एम्स के 45 सुपर स्पेशलिस्ट आज से देंगे टेलीमेडिसिन सेवाएं
Sat, 22 May 2021 10:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 22 May 2021 10:30 AM IST
सार
एम्स के 45 सुपर स्पेशलिस्ट शनिवार से टेलीमेडिसिन से सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शिमला से ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। ई-संजीवनी पर मरीजों का पंजीकरण होगा। ओपीडी के अनुसार चिकित्सक का समय मिलेगा।
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एम्स बिलासपुर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना काल में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के बाद अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) कोठीपुरा प्रदेश के लोगों के लिए टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू करने जा रहा है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को शिमला से ऑनलाइन करेंगे। सेवा शुरू होने के बाद संस्थान के 50 सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक प्रदेश के लोगों का टेलीमेडिसिन यानी दूर चिकित्सा सेवा के माध्यम से उपचार करेंगे।
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एम्स के उप निदेशक डॉ. सुखदेव नाग्याल ने बताया कि शुक्रवार को एम्स के करीब 50 चिकित्सकों को ई-संजीवनी पर प्रशिक्षण दिया गया। यह भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफार्म है। चिकित्सकों को सिखाया गया कि कैसे इसे ऑपरेट करना है। किस तरह मरीजों को सेवाएं देनी हैं। इस प्लेटफार्म पर सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सक सुपर स्पेशलिस्ट हैं।
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कोविड काल में पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने से बिलासपुर के कोठीपुरा में निर्माणाधीन एम्स में ऑफलाइन ओपीडी भले ही शुरू न हो पाई हो, लेकिन लोगों को आसानी से उपचार उपलब्ध करवाने के लिए टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की जा रही है। लोगों को अब स्वास्थ्य संबंधित परेशानी आने पर ऑनलाइन अनुभवी और विशेषज्ञ चिकित्सक उपचार देंगे।
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मरीज को ई-संजीवनी पर पंजीकरण करवाना होगा। उसके बात अपने आप आगे की प्रक्रिया पूरी होगी और बीमारी से संबंधित डॉक्टर की ओपीडी में केस दिया जाएगा। कोरोना कर्फ्यू में अब इस सेवा के जरिये मरीज घर बैठे ही सामान्य बीमारियों के संबंध में डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। जनरल मेडिसन, गायनी, ईएनटी, दंत रोग, शिशु विशेषज्ञ, नेत्र, हड्डी और त्वचा सहित अन्य विशेषज्ञ टेलीमेडिसिन के जरिये लोगों का इलाज करेंगे।