पानी की समस्या पर फूटा लोगों का गुस्सा, सत्ती बोले- फीटर चाबी नहीं देता तो तोड़ दो ताला
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के बसंतपुर के करयाली गांव में जनमंच के दौरान पानी, बिजली, सड़कों और शिक्षा के मुद्दे गरमाए रहे। 11 बजे कार्यक्रम शुरू होते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हिमरी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी के वितरण में बंदर बांट होती है। धरोगड़ा पंस सदस्य दीप्ति कश्यप ने समस्या बताते हुए कहा कि पंचायत के लिए दो ही पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं। स्रोत में पानी की मात्रा कम होने से लोगों को आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाती है।
पानी के वितरण में बंदरबांट होती है। फीटर चाबी नहीं देता है। इस पर मंच पर बैठे सतपाल सत्ती विभाग के जेई को माइक पर बुला लेते हैं और जवाब मांगते हैं। जवाब सुनने के बाद सत्ती ने कहा कि अगर फीटर चाबी नहीं देता है तो ताला तोड़ दो। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शाली टिब्बा के लिए हिमरी से सड़क बनाने की वर्षों पुरानी मांग को भी जनमंच में उठाया गया। इसी बीच लोगों ने एक साथ क्षेत्र में बिजली के पुराने खंभों को बदलने, नई लाइनों के विस्तार, कम वोल्टेज की समस्या सहित गांवों तक सड़कें निकालने की मांग रखी।
सत्ती ने इस पर विभिन्न विभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को तुरंत कार्यों को पूरा करने को कहा और बोले कि उपायुक्त इसकी निगरानी स्वयं करें। जनमंच में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि के समक्ष सतलुज नदी के समीप पंचायतों में गहराते पेयजल संकट से निजात दिलाने की गुहार लगाई। तीन बजे कार्यक्रम समाप्त हो गया।
हिमरी पंचायत उपप्रधान जगदीश वर्मा ने कहा कि हिमरी के लिए एकमात्र उठाऊ पेयजल योजना में मशीनरी वर्षों पुरानी हो चुकी है। जिस कारण पानी की सप्लाई घरों तक नहीं पहुंच पाती। योजना में मशीनरी को बदले जाने के साथ अन्य पेयजल योजना भी पंचायत के लिए बनाई जाए।
स्कूलों में रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा: सत्ती
सतपाल सत्ती ने कहा कि लोग शहर में बच्चे पढ़ाने की बजाय स्थानीय क्षेत्रों में ही बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाएं। स्कूलों में शिक्षकों की चल रहे रिक्त पदों को भी जल्द भरा भरा जाएगा। जनमंच में जलशक्ति विभाग से संबंधित ज्यादातर शिकायतें पहुंची। इस पर उन्होंने जनमंच में मौजूद जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को समस्याओं को गंभीरता से निपटाने के आदेश दिए। विधायक विक्रमादित्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि जनमंच में 8 पंचायतों से 139 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इसमें 73 शिकायतें और 66 मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इसमें से 47 शिकायतों का निपटारा किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 25 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 290 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। 13 इंतकाल 6 रजिस्ट्री, दो आधार कार्ड, 7 अपंगता प्रमाण पत्र, 7 विधवा पेंशन के मामले सुलझाए गए। ममता संस्था की ओर से लगाए गए शिविर में 56 लोगों की शुगर जांच और 47 का रक्तचाप जांचा गया।
जनमंच में प्रदेशभर से आईं 662 शिकायतें, अधिकांश का मौके पर हुआ निपटारा
कोरोना महामारी के चलते हिमाचल प्रदेश में 11 माह बाद रविवार को 22वां जनमंच कार्यक्रम हुआ, जिसमें 662 शिकायतें आईं। इनमें से अधिकांश का मौके पर निपटारा किया गया। हमीरपुर जिले के झगड़ियाणी में हुए जनमंच में उस समय हंगामा हो गया, जब बड़सर उपमंडल के बुजुर्ग तुलसी राम ने समस्या की सुनवाई न होने पर मंत्री सरवीण चौधरी के सामने जनमंच मुर्दाबाद के नारे लगा दिए। उपायुक्त ने बुजुर्ग को समझाया कि यह आपके क्षेत्र का जनमंच कार्यक्रम नहीं है।
इसके बावजूद हंगामा करने पर पुलिस ने बुजुर्ग को कार्यक्रम से बाहर कर दिया। वहीं सोलन में मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को फटकार लगा दी। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले को छोड़कर 10 जिलों में जनमंच कार्यक्रम हुआ। सोलन जिले की ममलीग पंचायत में हुए जनमंच में पहुंचे शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज तल्ख अंदाज में दिखे। कार्यक्रम में बंद पड़े बस रूट शुरू करने की मांग पर मंत्री ने निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) को फटकार लगाते हुए समस्या को एक सप्ताह में दूर करने के निर्देश जारी किए। यहां 83 में से 62 शिकायतों का निपटारा किया गया।
चंबा जिले की हरिपुर पंचायत में मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार सवा घंटा देरी से कार्यक्रम में पहुंचे। इससे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। यहां बिजली, पानी, राजस्व आदि से संबंधित 41 मांगें लोगों ने उठाईं, जिनमें दो का ही मौके पर समाधान हुआ। शिमला जिले के बसंतपुर में जनमंच में लोगों ने पेयजल की बंदरबांट का मुद्दा उठाया तो मुख्यातिथि हिमाचल वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने एसडीओ और एक्सईएन को फटकार लगा दी। सत्ती ने लोगों को कहा कि अगर फीटर पंप हाउस की चाबी नहीं देता है तो ताला तोड़ दो। यहां कुल 73 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 29 का निपटारा किया गया।
कुल्लू के बाशिंग में 95 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 85 निपटाईं। कांगड़ा में 54 शिकायतों में से 40 का मौके पर निपटारा किया गया। जिला बिलासपुर के बस्सी में 41 शिकायतें और 29 मांगें प्राप्त हुईं। मंडी जिले के रिवालसर में कार्यक्रम में 132 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से अधिकतर का निपटारा कर दिया गया। यहां मनरेगा कार्यों में धांधली की शिकायतों पर मंत्री राकेश पठानिया ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए। ऊना जिले में चिंतपूर्णी के किन्नु में जनमंच में 53 शिकायतें प्राप्त हुईं। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के गोरखुवाला में 32 शिकायतें और 100 से अधिक मांगें प्राप्त हुईं। हमीरपुर में 57 शिकायतें आईं, जिनमें अधिकांश निपटा दी गईं।