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Himachal News: मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर 12 घंटे से ज्यादा नहीं देंगे ड्यूटी, सरकार ने कॉलेज प्रबंधन
Fri, 23 Aug 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 23 Aug 2024 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए।
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अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं।
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36 घंटे ड्यूटी का सदियों पुराना था सिस्टम
अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
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