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Bus Ticket: अब मोबाइल से भी टिकट काट सकेंगे कंडक्टर, कार्ड स्वैप और क्यूआर कोड से भी किराया दे सकेंगे यात्री

Sun, 25 Aug 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 25 Aug 2024 05:00 AM IST
सार

हिमाचल में अब बस कंडक्टर मोबाइल से भी टिकट काट पाएंगे। परिवहन विभाग ने इस योजना को लेकर काम करना शुरू कर दिया है। मोबाइल एक छोटे से प्रिंटर से कनेक्ट रहेगा। कंडक्टर संबंधित स्टेशन की टिकट जैसे ही बनाएगा तो संबंधित प्रिंटर से यह जनरेट हो जाएगी। यह प्रिंटर इतना छोटा है कि ई-टिकटिंग की तरह एक छोटे बैग में रखा जा सकता है। 

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Himachal News Now conductors will be able to issue tickets through mobile phones
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

बसों में सवारियों के टिकट आने वाले समय में मोबाइल से भी काटे जा सकेंगे। यह तकनीक काफी सस्ती होगी। सरकारी के साथ-साथ निजी बस ऑपरेटरों के लिए भी यह फायदेमंद होगी। परिवहन विभाग ने इस योजना को लेकर काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत एक निजी कंपनी से संपर्क साधा गया है और कंपनी एक बार प्रेजेंटेशन भी दे चुकी है।

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विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जो मोबाइल पर डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें सभी स्टेशन और उनकी दूरी के साथ ही किराया भी फीड रहेगा। मोबाइल एक छोटे से प्रिंटर से कनेक्ट रहेगा। कंडक्टर संबंधित स्टेशन की टिकट जैसे ही बनाएगा तो संबंधित प्रिंटर से यह जनरेट हो जाएगी। यह प्रिंटर इतना छोटा है कि ई-टिकटिंग की तरह एक छोटे बैग में रखा जा सकता है। इससे कंडक्टरों को इसे उठाने में भी किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। खास बात यह है कि इसकी मदद से यात्री क्यूआर कोड और कार्ड स्वैप करके भी किराये की अदायगी कर सकेंगे।
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महज 1,500 रुपये प्रति बस आएगा खर्चा
इस नई तकनीक की खासियत यह है कि यह प्रति बस महज 1,500 रुपये में उपलब्ध हो पाएगी, जबकि इसी तरह की ई-टिकटिंग मशीन की कीमत 25 से 30 हजार रुपये के करीब है। यही वजह है कि जिला शिमला सहित प्रदेशभर में ऑपरेटर ई-टिकटिंग मशीनों का उपयोग नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह इतनी महंगी मशीन खरीदने में असमर्थ हैं। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने इस योजना पर काम शुरू किया है। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो निजी बस ऑपरेटरों को ई-टिकटिंग मशीन का सस्ता विकल्प मिल जाएगा और इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट का किराया ऑनलाइन अदायगी की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि यह अभी यह तय नहीं है कि इस विकल्प को निजी ऑपरेटरों के लिए ही उपलब्ध करवाया जाएगा या फिर एचआरटीसी बसों में भी इस सुविधा को शुरू किया जाएगा।

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मोबाइल से टिकट काटने की योजना को लेकर एक निजी फर्म से बात चल रही है। अभी प्राथमिक स्तर पर कंपनी ने प्रेजेंटेशन दिया है। यह काफी सस्ता विकल्प है। इससे खासकर निजी ऑपरेटर लाभान्वित होंगे और सवारियों को ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मिल सकेगी। उच्च अधिकारियों से मंजूरी के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा- अनिल कुमार शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला

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