फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   himachal news: lok kalakar sonu ram working in MNREGA amid Covid

कोरोना काल: लोक कलाकार ने बेच दी ढोलक, पत्नी संग मनरेगा में लगा रहा दिहाड़ी

Wed, 16 Jun 2021 01:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर/शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर/शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 16 Jun 2021 01:53 PM IST
सार

हिमाचल के छह हजार कलाकारों को प्रदेश सरकार से कोरोना काल में कोई वित्तीय मदद मदद नहीं मिली है। ये लंबे समय ये आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। इन कलाकारों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि ये संगठित नहीं है, लिहाजा इनकी कोई सुनवाई भी नहीं हुई।

विज्ञापन
himachal news: lok kalakar sonu ram working in MNREGA amid Covid
मनरेगा के तहत दिहाड़ी लगाता कलाकार एवं ढोलक वादक सोनू राम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक कलाकार के लिए अपना वाद्य यंत्र जान से भी ज्यादा प्यारे होते हैं। वह जीवन भर अपने वाद्य यंत्रों को बच्चों की तरह संभाल कर रखता है लेकिन, जब परिवार में बच्चे भूखे हों और आय का कोई साधन न रहे तो इन वाद्य यंत्रों को बेचना पड़ जाता है। ऐसा ही एक मामला हमीरपुर जिले के उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत जलाड़ी में सामने आया है। ढोलक वादक सोनू राम ने अपने परिवार की परवरिश की खातिर अपने सालों पुराने ढोलक को ही बेच दिया।

विज्ञापन


सोनू राम नटराज कला मंच से जुड़कर हिमाचल के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय उत्सवों व मेलों में भाग लेता था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण पिछले सवा साल से वह घर पर बेकार बैठा है। वर्तमान में वह और उनकी पत्नी दोनों मनरेगा में दिहाड़ी लगा रहे हैं। जिला हमीरपुर में 223 लोक कलाकार हैं। कई ऐसे लोक कलाकार हैं, जो वर्तमान में मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
विज्ञापन


कोरोना काल में मेले, त्योहार व भगवती जागरण समेत अन्य सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद हैं। जिसके चलते कलाकारों की माली हालत खराब है। भाषा एवं संस्कृति विभाग के जिलाधिकारी निक्कू राम का कहना है कि विभाग के तरफ से कुछेक कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से करवाए गए हैं। कई कलाकारों को इन वर्चुअल कार्यक्रमों में जोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिमाचल के छह हजार कलाकारों को सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं
हिमाचल के छह हजार कलाकारों को प्रदेश सरकार से कोरोना काल में कोई वित्तीय मदद मदद नहीं मिली है। ये लंबे समय ये आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। इन कलाकारों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि ये संगठित नहीं है, लिहाजा इनकी कोई सुनवाई भी नहीं हुई। मेलों और त्योहारों में इन कलाकारों को थोड़ा बहुत काम मिल जाता था परंतु कोरोना की मार के कारण इनको यह काम मिलना भी बंद हो रखा है। 

कोरोना के कारण प्रदेश में विभिन्न मेलों के आयोजनों पर रोक लगने से अधिकांश कलाकारों की आय ठप है। प्रदेश के मंदिरों के बंद होने के कारण हस्तकला से जुड़े कलाकारों को भी लंबे समय से काम नहीं मिल रहा है। कई कलाकार मंदिरों के लिए सोने और चांदी का काम करके अपना जीवन यापन करते रहे हैं। इन दिनों मंदिरों के बंद होने से ऐसे कलाकारों की आय भी बंद है। कई कलाकार कांगड़ा कला, चंबा रुमाल, भित्ती चित्रों, लकड़ी की नक्काशी, धातु के मुखौटे और वाद्य यंत्रों को तैयार करते हैं। इनकी आजीविका पर भी बुरी तरह से मार पड़ी है। 

सूत्रों मालूम हुआ है कि प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में जिलों से ऐसे कलाकारों की सूची मांगी थी। जिला भाषा अधिकारियों से ऐसे कलाकारों ने लिस्ट तैयार करके राज्य सरकार के पास भेज भी दी थी। इसका मकसद यही था कि कलाकारों को भी कोरोनाकाल में वित्तीय मदद दी जानी थी। कलाकारों का वर्गीकरण कैसे किया जाए, यही पहेली नहीं सुलझाई जा सकी। इस कारण कलाकारों को वित्तीय मदद की मामला नहीं सुलझा। प्रदेश सरकार ने कलाकारों के आंकड़े तो जुटाए पर राहत कोई नहीं दी जा सके। 


राज्य भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक सुनील शर्मा कहते हैं कि कलाकारों को कोई वित्तीय मदद कोरोनाकाल में नहीं दी जा सकी। ऐसे कलाकारों को ऑनलाइन काम देने का फैसला लिया गया है। 13 अप्रैल को ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर कुछ कलाकारों को काम दिया था। मई में कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। हिमाचल भाषा एवं कला अकादमी ऑनलाइन वेबिनार आयोजित करके मदद कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed