फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: Himachal high court directions to government for staff pattern in primary health centres

पीएचसी में स्टाफ रखने के पैटर्न को तत्काल बनाएं तर्कसंगत : हाईकोर्ट

Wed, 11 Nov 2020 12:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 11 Nov 2020 12:46 PM IST
विज्ञापन
Himachal News: Himachal high court directions to government for staff pattern in primary health centres
सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ रखने के पैटर्न को तर्कसंगत बनाने के बारे में तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने पाया कि राज्य में कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्टाफ पैटर्न दिशा-निर्देशों के उल्लंघन में अधिक मात्रा में तैनात है।

विज्ञापन


न्यायालय ने निर्देश दिया है कि इस तरह के युक्तिकरण के बाद यदि कुछ कर्मचारी अधिशेष और सरप्लस पाए जाते हैं तो उन्हें सीएचसी में समायोजित किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर ये आदेश दिए जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घनाहट्टी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी का आरोप लगाते हुए दिए उपयुक्त स्टाफ नियुक्त करने के आदेश जारी करने की गुहार लगाई गई है।
विज्ञापन


इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दायर किए गए हलफनामे के अनुसार 7 अप्रैल, 2016 की अधिसूचना द्वारा स्टाफिंग मानदंडों को अधिसूचित किया गया है, ताकि विभिन्न परिधीय स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात जनशक्ति के इष्टतम उपयोग को राज्य के साथ-साथ राज्य की राजकोषीय स्थिति को सुनिश्चित किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिसूचना के अनुसार स्टाफिंग पैटर्न यह है कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ वर्ग का कर्मचारी होता हैं। हालांकि, यह याचिकाकर्ता के वकील की ओर से न्यायालय के ध्यान में लाया गया था कि लगभग 98 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की पोस्टिंग को 2016 के दिशानिर्देशों के विपरीत बनाया गया है।


प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त स्टाफिंग पैटर्न से संबंधित आंकड़ों को गलत ठहराते हुए कोर्ट ने देखा कि 77 डॉक्टर्स और 47 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां ये पद खाली पड़े हैं। अदालत ने आगे कहा कि एक तरफ सरकार ने विभिन्न पीएचसी के लिए कर्मचारियों की पोस्टिंग के लिए 2016 के दिशा-निर्देशों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन दूसरी ओर दायर हलफनामे के विपरीत काम किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed