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सूखे की मार: चेरी-प्लम के गिरे फल, बादाम का नहीं बढ़ रहा आकार
Fri, 16 Apr 2021 01:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 16 Apr 2021 01:23 PM IST
सार
सूखे के कारण बादाम का आकार नहीं बढ़ रहा है। प्लम, खुमानी, चुल्ली, अनार और आडू़ की फसल पर भी मौसम की मार पड़ रही है। विभिन्न नकदी फसलों के फल अब सूखे की चपेट में आने से गिरने लगे हैं।
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रामपुर में प्लम के बगीचे में गिरे फल। वहीं, सूखे की मार से बादाम के फल का भी नहीं बढ़ रहा आकार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सूखे की मार से ऊपरी शिमला में स्टोन फ्रूट पर संकट खड़ा हो गया है। बारिश न होने से कोटगढ़ वैली में चेरी की फसल पेड़ से गिरना शुरू हो गई है। किसान-बागवान बारिश होने की उम्मीद में हैं। सूखे के कारण बादाम का आकार नहीं बढ़ रहा है। रामपुर के कई क्षेत्रों में प्लम, खुमानी, चुल्ली, अनार और आडू़ की फसल पर भी मौसम की मार पड़ रही है।
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विभिन्न नकदी फसलों के फल अब सूखे की चपेट में आने से गिरने लगे हैं। मौसम की बेरुखी से बागवानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। कोटगढ़ के प्रगतिशील युवा बागवान सोनू गरोल, संदीप कनोल, यशपाल कपूर, सुधीर ठाकुर, रजनीश रोच, यशपाल खलाई, गुलाब सिंह और विनोद रोच ने कहा कि सूखे के कारण बगीचों से नमी गायब है।
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चेरी सहित प्लम की फसल पेड़ों से गिरने लगी है। बादाम का आकार नहीं बढ़ रहा है। इससे फल सिकुड़ रहा है। अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो सूबे में भयंकर सूखे की स्थिति पैदा हो जाएगी और नकदी फसलें पूरी तरह चौपट हो जाएंगी।
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बागवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। रामपुर खंड के कई इलाकों में सूखे से खुमानी, चुल्ली, अनार और आड़ू़ की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बागवानों के अनुसार इसके अतिरिक्त अंधड़-तूफान से भी काफी नुकसान हुआ है। रोजाना सूखे के साथ आंधी-तूफान से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं।