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कोविशील्ड: सीडीएल कसौली से वैक्सीन की अब तक 47 करोड़ डोज जारी
Sat, 07 Aug 2021 11:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर
आदित्य सोफत, अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
आदित्य सोफत, अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 07 Aug 2021 11:46 AM IST
सार
भारत में बनने वाली और भारत में आयात होने वाली किसी भी प्रकार की वैक्सीन को बाजार में उतारने से पहले सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कसौली में जांच के लिए भेजा जाता है।
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सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कसौली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कसौली तेजी से वैक्सीन की जांच कर रहा है। सीडीएल ने अभी तक स्वदेशी और रशियन कोविड वैक्सीन की करोड़ों डोज रिलीज कर दी हैं। इसका सीधे तौर पर फायदा लोगों को पहुंचने वाला है। स्पूतनिक, जीकॉव डी तथा सनोफी आदि कई अन्य कंपनियों की वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल सीडीएल में चल रहा है। दिन-रात सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कसौली में कोविड वैक्सीन का परीक्षण किया जा रहा है।
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इसी के साथ अन्य रोगों से संबंधित वैक्सीन का भी परीक्षण चला हुआ है। खास बात यह है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की स्वदेशी कोविड वैक्सीन कोविशील्ड की 47 करोड़ डोज परीक्षण में खरी उतरी हैं। इन्हें बाजार में उतारा गया है। इसी के साथ भारत बायोटेक हैदराबाद की कोवैक्सीन के भी छह करोड़ डोज रिलीज किए जा चुके हैं। रशियन स्पूतनिक-वी के कंपोनेंट एक के 31 लाख 50 हजार और कंपोनेंट दो के चार लाख 50 हजार डोज रलिीज किए जा चुके हैं। सीडीएल कसौली ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी की पुष्टि कर दी है। गौर रहे कि देश में वैक्सीनेशन पॉलिसी को रफ्तार देने के लिए लगातार सीडीएल कसौली कार्य चला रहा है।
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इसी को लेकर भारत में बनने वाली और भारत में आयात होने वाली किसी भी प्रकार की वैक्सीन को बाजार में उतारने से पहले सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कसौली में जांच के लिए भेजा जाता है। परीक्षण में वैक्सीन के खरी उतरने के बाद ही सीडीएल ग्रीन टिक दिया है। इसके बाद ही वैक्सीन को प्रयोग के लिए उतारा जाता है। यह लैब विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से प्रमाणित देश की इकलौती वैक्सीन टेस्टिंग लैब है। देश में लग रही कोविड वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सीन व स्पूतनिक-वी को भी सीडीएल कसौली से मान्यता दी गई है।
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