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डॉक्टरों की मांग पर 76 वर्षीय समाजसेवी ने 80 घंटे त्यागा अन्न और जल
Sun, 04 Jul 2021 10:40 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, रक्कड़ (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, रक्कड़ (कांगड़ा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 04 Jul 2021 10:40 PM IST
सार
देशबंधु को मनाने के लिए दिन में मंत्री के साथ भाजपा के बड़े और स्थानीय नेता आए और हाथ जोड़ते रहे। लेकिन देशबंधु ने कहा कि ये मांग उनकी नहीं लोगों की है।
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पूर्व सीएम से बात करवाते विक्रम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीएचसी रक्कड़ में 24 घंटे डॉक्टरों की मांग लेकर 80 घंटों से आमरण अनशन पर बैठे 76 वर्षीय समाजसेवी देशबंधु ने रविवार शाम सात बजे पोती के हाथों जूस पीकर अनशन तोड़ा। बताया जा रहा है कि देर शाम भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा ने उन्हें फोन पर विश्वास दिलाया कि इस कैबिनेट बैठक या अगली बैठक में उनकी मांग पूरी कर दी जाएगी। इससे पहले उद्योग मंत्री और स्थानीय विधायक विक्रम ठाकुर दिन में एक घंटे से भी ज्यादा समय से उन्हें मनाते रहे, लेकिन वह नहीं माने।
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विक्रम ने पहले सीएम जयराम, फिर पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार से बात करवाई पर देशबंधु एक ही बात पर अड़े रहे कि उन्हें मुख्यमंत्री का लिखित में व्हाट्सएप पर ऑर्डर चाहिए। देशबंधु को मनाने के लिए दिन में मंत्री के साथ भाजपा के बड़े और स्थानीय नेता आए और हाथ जोड़ते रहे। लेकिन देशबंधु ने कहा कि ये मांग उनकी नहीं लोगों की है। पहले भी सालों से आश्वासन मिलते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ। दोपहर 3:30 बजे के बाद पीएचसी में इलाज नहीं मिलता। कोरोना काल में तहसील से लोग कहां जाएं। हालांकि, मौके पर पहुंचे मंत्री विक्रम लिखित में आश्वासन देने को तैयार थे, कागज-पेन भी मंगवा लिया पर देशबंधु अड़े रहे। बाद में मंत्री को मायूस होकर लौटना पड़ा। संवाद
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जिप उपाध्यक्ष स्नेह परमार से नोकझोंक
अनशन पर बैठे देशबंधु को जो जब जिप उपाध्यक्ष स्नेह परमार ने जोर देकर उठने के लिए कहा तो नोकझोंक हो गई। उन्होंने तर्क दिया कि आप अनशन कर रहे हैं, कल दूसरा भी करेगा। ऐसे में देशबंधु ने कहा कि तो क्या जनता को ऐसे ही छोड़ दोगे। इनकी कौन सुनेगा। किसी को तो आगे आना ही होगा। अस्पताल में दोपहर के बाद चील-कौवे घूमते हैं।
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