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सीमेंट फैक्टरी से सटी चार पंचायतों में पैदा हुए मानसिक रूप से कमजोर 32 बच्चे

Mon, 02 Nov 2020 12:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
सरोज पाठक, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 02 Nov 2020 12:57 PM IST
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Himachal News: 32 mentally challenged children in 4 panchayats near cement factory in Bilaspur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

एसीसी सीमेंट फैक्टरी से सटी बिलासपुर की चार पंचायतों में पिछले 20 सालों में 32 बच्चे मानसिक रूप में कमजोर पैदा हुए हैं। इनमें 11 बच्चे एक ही गांव के हैं। ये पंचायतें सीएचसी पंजगाईं के तहत आती हैं। करीब ढाई साल पहले तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के आदेशों के बावजूद आज तक स्वास्थ्य विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि इसके पीछे क्या कारण हैं। 

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरनोड़ा पंचायत में 20, बैरी पंचायत में 1, गुग्गा भटेड़ में 5, धार टटोह में 3 और बलोह में तीन बच्चे मानसिक रूप से कमजोर हैं, जो साल 2000 से 2020 के बीच पैदा हुए हैं। इसका खुलासा जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर बीएमओ की ओर से तैयार रिपोर्ट में हुआ है। चिकित्सकों ने मौके पर जाकर इसका डाटा तैयार किया है।
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स्वास्थ्य मंत्री रहते विपिन परमार ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला उपायुक्त को इन बच्चों के मानसिक रूप से कमजोर होने के कारणों का पता लगाने के लिए रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए थे। एक टीम बनाकर मिट्टी और पानी की जांच को भी कहा था। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे बच्चों का डाटा तो तैयार किया लेकिन, इस बात का कोई निष्कर्ष नहीं निकला कि ये मानसिक रूप में कमजोर कैसे पैदा हुए। इनके परिवारों में दूर-दूर तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो मानसिक रूप से कमजोर है।

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बिना उपचार छोड़ा पानी गर्भवती महिला पर डालता है असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि सीमेंट कंपनी से निकलने वाला पानी अगर बिना उपचार के छोड़ा जाता है तो यह कृषि योग्य जमीन और पानी के स्रोतों को दूषित कर सकता है। इस पानी का असर इसका उपयोग करने वाली गर्भवती मां और बच्चों पर पड़ता है। 

जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए थे। चिकित्सकों ने मौके पर जाकर डाटा तैयार कर आगामी कार्रवाई के लिए सीएमओ बिलासपुर को भेज दिया है। यह जांच का विषय है कि इतने से क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में मानसिक रूप से कमजोर बच्चे कैसे पैदा हो गए। - डॉ. श्याम वर्मा, बीएमओ मार्कंडेय

विभाग के स्टेट प्रोग्राम अधिकारी को रिपोर्ट तैयार कर भेज दी है। कोरोना की वजह से आगामी कार्रवाई नहीं हो पाई है। अब इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। एजेंसियों को जांच के लिए लिखा जाएगा।  - डॉ. प्रकाश दड़ोच, सीएमओ बिलासपुर

मामले की अभी जानकारी मिली है। इस संबंध में सीएमओ बिलासपुर और उपायुक्त बिलासपुर से बात कर आगामी कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। - राजीव सैजल, स्वास्थ्य मंत्री

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