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केंद्र के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हिमाचल के सांसद-विधायक

Mon, 30 May 2016 09:56 AM IST
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 30 May 2016 09:56 AM IST
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himachal mp and mlas not interested in panchayat development work
किसी भी सांसद और विधायक ने ग्रामसभाओं में अपनी उपस्थित दर्ज नहीं कराई।

हिमाचल के सांसद और विधायकों को पंचायतों के विकास कार्यों में रुचि नहीं है। किसी भी सांसद और विधायक ने ग्रामसभाओं में अपनी उपस्थित दर्ज नहीं कराई। यहां तक कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्य भी पंचायतों की ग्रामसभाओं में जाना उचित नहीं समझ रहे हैं।

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केंद्र सरकार ने सांसदों और विधायकों को ग्रामसभाओं में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बाकायदा, प्रदेश सरकार को इस बाबत पत्र भेजा गया है, लेकिन ये नेता केंद्र सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। साथ ही जिन लोगों ने उन्हें चुनकर भेजा है, उनकी समस्या उठाना भी उचित नहीं समझ रहे हैं।
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पंचायतों में क्या - क्या विकास कार्य किए जाने चाहिए? इसका प्रस्ताव ग्रामसभाओं में पारित होने के बाद ही सरकार को भेजा जाता है। इस पर ही योजनाओं के लिए पैसा जारी किया जाता है।

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खुले मंच पर होनी थी मन की बात

himachal mp and mlas not interested in panchayat development work
पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्य भी ग्रामसभाओं में नहीं जाते। - फोटो : फाइल फोटो

केंद्र सरकार ने सांसदों और विधायकों को इसलिए ग्रामसभाओं में जाना अनिवार्य किया था, ताकि लोगों को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही जनहित योजनाओं की जानकारी मिल सके। चूंकि, विधायक प्राथमिकता स्कीमों और सांसद निधि में पंचायतों

में पार्किंग, सामुदायिक भवन, सड़कों का निर्माण, श्मशानघाट, पीने और सिंचाई का पानी, कूहलों का निर्माण आदि के लिए पैसा जारी किया जाता है। अधिकांश लोगों में इसकी जानकारी का अभाव है। इसके चलते नुमाइंदों को ग्रामसभाओं में जाना उपस्थित किया था।

कुछेक लोगों की विधायक और सांसद तक पहुंच होती है, जबकि अधिकांश लोगों का इन लोगों को पहुंचना मुश्किल हो जाता है। लोग इनके समक्ष अपनी मन की बात कह सके। इसलिए यह फैसला लिया था।

केंद्र सरकार ने सांसद और विधायकों को ग्रामसभाओं में उपस्थित होने को कहा था, अभी तक किसी भी नेता के उपस्थित होने की सूचना नहीं है। यही नहीं, जिला परिषद और बीडीसी सदस्य भी ग्रामसभाओं में नहीं जाते। -अनिल शर्मा, पंचायतीराज मंत्री

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