Mandi News: करसोग की महिमा को मिला अंतरिक्ष अन्वेषण मिशन में शामिल होने का प्रस्ताव
महिमा की प्रतिभा और काम को देखकर अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक लॉरी लेशिन इतनी प्रभावित हुईं कि खुद उनसे मिलीं और अंतरिक्ष मिशन में काम करने का प्रस्ताव दिया।
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अंतरिक्ष विज्ञान में अध्ययन कर रहीं जिला मंडी के करसोग क्षेत्र की महिमा गुप्ता को अंतरिक्ष अन्वेषण मिशन की टीम में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है। नासा में जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की निदेशक नामी वैज्ञानिक डॉक्टर लॉरी लेशिन ने स्वयं महिमा को यह प्रस्ताव दिया है। महिमा की प्रतिभा से प्रभावित होकर डॉक्टर लेशिन एक कार्यक्रम के बहाने खुद महिमा से मिलीं। इस दौरान उन्होंने महिमा को अपने मिशन में शामिल करने का ऑफर दिया और कहा कि वह समर इंटर्नशिप के लिए टीम में शामिल हों।
भारत की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की कहानी से प्रेरणा लेकर बचपन में ही अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य बनाने बनाने का महिमा का फैसला अब साकार होने जा रहा है। बता दें कि अमेरिकी वैज्ञानिक डॉक्टर लॉरी लेशिन के मिशन तेजी से विकास के साथ अंतरिक्ष अन्वेषण में जुटे हैं। मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रहों के अध्ययन से जुड़े मिशन में नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी अंतरिक्ष यान और रोवर्स की भूमिका है।
ब्रह्मांड में हमारे स्थान को समझने और पृथ्वी से परे जीवन की संभावना की तलाश में भी जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी मिशन हर ग्रह और सूर्य के लिए उड़ान भर चुका हैं। लॉरी लेशिन एक अकादमिक प्रशासक हैं जो नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के 10वें निदेशक के रूप में सेवारत हैं।
महिमा ने बताया कि नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के निदेशक डॉ. लॉरी लेशिन ने मेरे विश्वविद्यालय एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के परिसर का दौरा किया। मानवता को लाभ पहुंचाने के लिए स्पेस फ्रंटियर की खोज परियोजना के संबंध में महिमा की उनसे मुलाकात हुई। इस मौके पर महिमा गुप्ता ने अपनी परियोजनाओं के बारे में उनसे थोड़ी बातचीत की।
महिमा ने भी साझा किए अपने प्रोजेक्ट सर्वश्रेष्ठ विवि से मिले ऑफर
करसोग बाजार निवासी महिमा गुप्ता प्रतिभावान हैं। महिमा के पिता बिजनेसमैन और माता गृहिणी हैं। छोटा भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। महिमा की प्रारंभिक शिक्षा शिमला से हुई। 12वीं के बाद वह देहरादून की पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के लिए चयनित हुईं। इसके बाद उन्हें कई सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों से अध्ययन करने के प्रस्ताव मिले।
उन्होंने अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी को चुना और पढ़ाई के दौरान ही उन्हें नासा के अंतरिक्ष के प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका मिला। उनकी प्रतिभा और काम को देखकर अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक लॉरी लेशिन इतनी प्रभावित हुईं कि खुद उनसे मिलीं और अंतरिक्ष मिशन में काम करने का प्रस्ताव दिया। मात्र 22 साल की उम्र में महिमा की यह उपलब्धि हिमाचल के लिए गौरव और प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।