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मंडी लैंडस्लाइड हादसा: यूपी के दो परिवारों से 11 लोगों के मरने की आशंका

Tue, 15 Aug 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी )
ब्यूरो/अमर उजाला, जोगिंद्रनगर (मंडी ) Updated Tue, 15 Aug 2017 09:45 AM IST
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himachal landslide on national high way in mandi 11 deceased from uttar pradesh

हिमाचल के मंडी जिले में उरका गांव के समीप मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर कोटरोपी लैंडस्लाइड हादसे में यूपी के दो परिवारों के 11 लोगों के मारे जाने की आशंका है। पते की पहचान घटनास्थल से मिले मोबाइल सिम कार्ड से हुई है।

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पुलिस ने रिश्तेदारों से संपर्क कर लिया है। सूचना के बाद परिजन मंडी की तरफ रवाना हो गए हैं। शव बुरी तरह से क्षतविक्षत होने की वजह से इनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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जबकि बिखरे सामान से पुलिस ने मृतकों की पहचान सूर्यदेव सिंह पुत्र श्याम देवी खारूअंब बालिया उत्तर प्रदेश (30), कन्हैयालाल पुत्र अरमसदीन दयाल गांव त्रैहड़ आजमगढ़ उत्तरप्रदेश (20), दीपचंद पुत्र आतमस शिव शंकर गांव मौलानापुर नत्थन पट्टी पीओ घासीपुर
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बस्सी जपनी आजमगढ़ उत्तर प्रदेश (34), उमेश सोनी पुत्र अवधेश सोनी गांव त्रेहड़ आदमगढ़ उत्तरप्रदेश (23), पवन कुमार पुत्र राजेंद्र प्रसाद गुप्ता गांव त्रेहड़ आजमगढ़ उत्तर प्रदेश (27), राणा प्रताप सिंह पुत्र रामजन्म सिंह गांव तरदसपुर माहु जिला माहु उत्तरप्रदेश के रूप में की है।

लेकिन परिजनों की तस्दीक के बाद ही इनकी शिनाख्त सही मानी जाएगी। एसडीएम पधर आशीष कुमार ने अनुसार शवों की शिनाख्त के लिए सिमकार्ड से मिले पते पर संपर्क किया गया है। परिजन कोटरोपी के लिए रवाना हो गए हैं।

डीएनए जांच की मांग

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मलबे से निकाले गए शवों की शिनाख्त करनी मुश्किल हो गई है। इसके लिए अब डीएनए जांच की मांग उठाई जा रही है। दूसरे दिन पंद्रह शवों को जोगिंद्रनगर अस्पताल में पेास्टमार्टम के लिए लाया गया।

जहां पर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कर शवों को शव गृह में रखा है। कुछ शवों की हालत इस कदर बिगड़ चुकी है कि शिनाख्त करना मुश्किल हो गया है।

यहां तक कि यहां पर आए कुछ लोग अपने रिश्तेदार को ढूंढने के लिए आए हुए थे। वे भी डीएनए के माध्यम से अपने रिश्तेदार की शिनाख्त करवाना चाह रहे हैं।

यहां तक कि बस के परिचालक का निचले हिस्से का शव तो मिल गया लेकिन, उपर का हिस्सा अभी तक नहीं मिल पाया है।

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