लेह के यूटी बनने से सीमा विवाद हल होने के आसार
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लेह-लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाए जाने पर अब हिमाचल और लद्दाख रीजन के कारोबारियों के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद के सुलझने के आसार नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप पर सीमा विवाद का गतिरोध खत्म हो सकता है। इससे पहले यह सीमा विवाद जम्मू-कश्मीर सरकार के रवैये के चलते ठंडे बस्ते में था। 2015 में सर्वे आफ इंडिया की टीम ने मानचित्र के आधार पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बता दिया था कि जम्मू-कश्मीर की पुलिस व वहां के अस्थायी कारोबारी हिमाचल सीमा के 17 किलोमीटर के अंदर अपना कारोबार चला रहे हैं।
वहीं इस बार कारगिल के कारोबारी जंस्कार रूट पर शिंकुला से नीचे 35 किमी भीतर जंखर समदो में पहुंचकर कारोबार कर रहे हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद राम स्वरूप शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि इस मसले को संसद में प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने भी माना कि रोहतांग टनल बन जाने के बाद उस ओर पर्यटन विकसित होगा। युवाओं में कारोबार को करने के लिए जगह को लेकर खींचतान होगी।
इससे पहले ही हिमाचल सीमा सरचू व दूसरी ओर शिकुंला की तरफ भी चल रहे विवाद को भी खत्म कर जिसकी जमीन होगी, उन्हें कारोबार करने का हक होगा। अब हिमाचल सीमा सरचू व दूसरी ओर शिंकुला विवाद सुलझने की पूरी संभावना है। लाहौल-स्पीति जिप के चेयरमैन रमेश रूअलवा ने पिछले हफ्ते इसी मसले को लेकर सांसद राम स्वरूप शर्मा को पत्र लिखा है।
जिसमें उन्होंने रोहतांग टनल के बन जाने के बाद सरचू के एक नया पर्यटन स्थल बनने की बात कही है। सांसद राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि मामला काफी समय से चल रहा है। लेह-लद्दाख को केंद्र शसित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद अब इस सीमा विवाद की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए यह मुद्दा संसद में रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भी यह बात रखी गई है।