हिमाचल: जेपी नड्डा बोले- अब शिमला से मटौर तक पूरा फोरलेन बनेगा, बिलासपुर-हमीरपुर भी जुड़ेगा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, रेल, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक निवेश कर रही है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से कांगड़ा के मटौर तक पूरी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। पहले जिन हिस्सों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) टूलेन के हिसाब से तैयार की गई थी, अब उन्हें फोरलेन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस फोरलेन परियोजना पर 10,226 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 15 टनलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनकी कुल लंबाई 13.6 किलोमीटर होगी। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को बिलासपुर में प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिमला-मटौर मार्ग हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन बनेगा। समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की प्रगति, डीपीआर तैयार करने में आ रही अड़चनों और अलग-अलग हिस्सों को पूरा करने की समयसीमा पर चर्चा की गई। कुछ समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया, जबकि कुछ मामलों में कार्रवाई बाकी है।
बिलासपुर से हमीरपुर के बीच सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही: नड्डा
बिलासपुर से हमीरपुर के बीच सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। पहले इस मार्ग को टूलेन बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे फोरलेन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब नितिन गडकरी हिमाचल आए थे, तब इस मांग को उनके सामने रखा गया था। उस समय इस पर सहमति बनी थी। अब इस हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इससे बिलासपुर जिले के सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की उम्मीद है। शिमला-शालाघाट हिस्से की डीपीआर तैयार हो रही है। इस हिस्से को भी शिमला-मटौर परियोजना की समग्र समयसीमा के तहत आगे बढ़ाने की बात कही गई। परियोजना से जुड़े हमीरपुर बाईपास को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। छैलचौक-भानभरवाह हिस्से को दिसंबर 2026 और भानभरवाह-कांगड़ा हिस्से को नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इन हिस्सों के नाम और समयसीमा की आधिकारिक परियोजना सूची से पुष्टि की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पूरी शिमला-मटौर सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में दो नई डीपीआर तैयार की जा रही हैं।
बिलासपुर से हमीरपुर के बीच सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही: नड्डा
बिलासपुर से हमीरपुर के बीच सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। पहले इस मार्ग को टूलेन बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे फोरलेन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब नितिन गडकरी हिमाचल आए थे, तब इस मांग को उनके सामने रखा गया था। उस समय इस पर सहमति बनी थी। अब इस हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इससे बिलासपुर जिले के सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की उम्मीद है। शिमला-शालाघाट हिस्से की डीपीआर तैयार हो रही है। इस हिस्से को भी शिमला-मटौर परियोजना की समग्र समयसीमा के तहत आगे बढ़ाने की बात कही गई। परियोजना से जुड़े हमीरपुर बाईपास को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। छैलचौक-भानभरवाह हिस्से को दिसंबर 2026 और भानभरवाह-कांगड़ा हिस्से को नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इन हिस्सों के नाम और समयसीमा की आधिकारिक परियोजना सूची से पुष्टि की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पूरी शिमला-मटौर सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में दो नई डीपीआर तैयार की जा रही हैं।
मोदी-नड्डा के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई दिशा : बिंदल
वहीं कुल्लू में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और आने वाले समय में हिमाचल सहित आसपास के राज्यों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर के निर्माण और विकास में जगत प्रकाश नड्डा की अहम भूमिका रही है। नड्डा ने कई बार बिलासपुर पहुंचकर संस्थान के निर्माण कार्यों की समीक्षा की और दिल्ली स्तर पर भी इसकी निगरानी की। उन्होंने कहा कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगत प्रकाश नड्डा की मौजूदगी में एम्स के चिकित्सकों को डिग्रियां प्रदान कीं। बिंदल ने कहा कि केंद्र सरकार ने चंबा, हमीरपुर और नाहन मेडिकल कॉलेजों के लिए 750 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थानों, कैंसर संस्थानों, ट्रॉमा सेंटरों और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए भी धनराशि दी गई है। इन प्रयासों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिली है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई चिकित्सा संस्थानों के भवनों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है और चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.