बकरी के दूध व पनीर को ब्रांड बना कर बेचेगी जयराम सरकार
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हिमाचल सरकार बकरी के दूध और पनीर को ब्रांड बनाकर बेचने की योजना बना रही है। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने शुक्रवार को ऊना जिले के थानाकलां में बकरी वितरण कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बकरी के प्रोटीन युक्त दूध की बाजार में भारी मांग है। बकरी का दूध गाय-भैंस के दूध से महंगा भी बिकता है। मंत्री ने कहा कि सरकार बकरी पालकों की एक सोसायटी बनाएगी। इसके माध्यम से बकरी के दूध की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।
कहा कि जयराम सरकार इस वर्ष बकरी पालन पर 20 करोड़ खर्च कर रही है। ऊना-बंगाणा एनएच के किनारे बकरी पालकों की सोसायटी को दुकान उपलब्ध करवाई जाएगी। यहां वे बकरी का दूध और दूध से तैयार अन्य उत्पाद बेच सकेंगे।
इससे लोगों को स्वरोजगार मिलेगा। सरकार बकरी पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन आदि को आजीविका का साधन बनाने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है। युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
पशुपालन मंत्री ने 15 परिवारों को वितरित कीं बकरियां
पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने थानाकलां तथा रायपुर मैदान के 15 परिवारों को कृषक बकरी पालन योजना के तहत बकरियां वितरित कीं। लाभार्थियों में नेत्र सिंह, भोली देवी, ईश्वर दास, तारा चंद, पार्वती, कश्मीर सिंह, मोहिंदर सिंह, मीना, करतार सिंह, आशा कुमारी, राज कुमार, आरती, ममता, राकेश तथा सुल्तान मोहम्मद शामिल हैं।
अति निर्धन पशुपालक कल्याण समिति के माध्यम से फीड, दवाएं तथा हरड़, आंवला, बहेड़ा और सहजन के पौधे भी बांटे। इस दौरान अशोक शर्मा, मनोहर लाल, मास्टर तरसेम, चरणजीत शर्मा, कैप्टन प्रीतम डढवाल, विजय शर्मा, बलराम बबलू, राजेंद्र ठाकुर, राम सिंह, सूबेदार मेजर रत्न सिंह, कृष्ण पाल शर्मा, डॉ. जेएस सेन, डॉ. सतिंदर ठाकुर, डॉ. राजेश जंगा, डॉ. अभिनव सोनी आदि मौजूद रहे।