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हिमाचल : असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती पर हिमाचल हाईकोर्ट की रोक बरकरार, मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई सुनवाई
Wed, 22 Jul 2026 03:18 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 22 Jul 2026 03:18 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती मामले की सुनवाई की। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया पर पहले से लागू अंतरिम रोक को बरकरार रखा। फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने और चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग देने पर रोक जारी रहेगी।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आउटसोर्स और असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती मामले को लेकर दायर याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर पहले से लागू अंतरिम रोक को फिलहाल बरकरार रखा। इसके चलते चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने और ज्वाइनिंग देने पर रोक जारी रहेगी। सरकार की ओर से दायर हलफनामे पर हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जताई। इसके साथ ही राज्य सरकार को इस पर फिर से एक विस्तृत और व्यापक हलफनामा दायर करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
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यह मामला स्वास्थ्य विभाग में 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दलील दी है कि सरकार ने वैधानिक भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में आवश्यक संशोधन किए बिना नई श्रेणी बनाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। इससे पहले भी हाईकोर्ट नियमित स्टाफ नर्स भर्ती, आउटसोर्सिंग नीति और स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब कर चुका है। अदालत ने सरकार की भर्ती नीति और नियमित पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे।
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