बीसीसीआई सचिव अनुराग को हाईकोर्ट से राहत
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बीसीसीआई सचिव और एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों को एक आपराधिक मामले में हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ स्पेशल जज कांगड़ा की अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
यह अंतरिम आदेश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने प्रार्थी एचपीसीए और अनुराग ठाकुर की ओर से प्राथमिकी और चार्जशीट को निरस्त करने के आग्रह को लेकर दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात पारित किए। अभियोजन पक्ष के अनुसार एचपीसीए ने सरकार के अधिकारियों से मिलकर सरकारी भूमि पर बने भवन को गिरवा कर होटल का निर्माण किया।
2013 का है ये मामला
तीन अक्तूबर, 2013 को एचपीसीए पदाधिकारियों और अनुराग ठाकुर के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कांगड़ा के समक्ष प्राथमिकी दर्ज की गई। 14 नवंबर, 2014 को अभियोजन पक्ष ने स्पेशल जज कांगड़ा की अदालत में चालान पेश किया।
इस प्राथमिकी और चार्जशीट को रद करने की गुहार को लेकर दायर याचिका में प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी झूठी है और राजनीति से प्रेरित है।
इस मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए गए हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें फिलहाल नोटिस जारी नहीं किया है। हाईकोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।