फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal High Court rejected status of dharamsala as smart city

सरकार को झटका, धर्मशाला का स्मार्ट सिटी के लिए चयन रद्द

Fri, 18 Dec 2015 08:54 AM IST
Updated Fri, 18 Dec 2015 08:54 AM IST
विज्ञापन
Himachal High Court rejected status of dharamsala as smart city

हिमाचल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसके तहत धर्मशाला शहर का चयन स्मार्ट सिटी योजना के लिए किया गया था। कोर्ट ने स्मार्ट सिटी चयन समिति को आदेश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर दोबारा नए सिरे से धर्मशाला और शिमला शहर के आंकड़ों पर ठीक ढंग से विचार करे।

विज्ञापन


इस योजना के लिए उपयुक्त शहर का चयन कर स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सिफारिश करे। न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने शिमला नगर निगम के मेयर संजय चौहान की याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिए।
विज्ञापन


प्रार्थी संजय चौहान ने अपनी याचिका में यह आरोप लगाया था कि धर्मशाला शहर का चयन गलत आंकड़ों को पेश कर किया गया है। चयन समिति को गुमराह कर ऐसी रिपोर्ट तैयार की गई, जो पूर्णतया तथ्यों और योजना के विपरीत थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी आंकड़ों के आधार पर चुना गया धर्मशाला

Himachal High Court rejected status of dharamsala as smart city

शिमला पहले से ही विकसित है, इस कारण इसे स्मार्ट सिटी बनाने के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी जबकि धर्मशाला का पूरा का पूरा कायाकल्प करना पड़ेगा। इसमें बहुत सी परेशानियां सामने आना लाजिमी है। प्रार्थी के अनुसार शिमला को दुनिया के कोने-कोने में पर्यटन नगरी व पहाड़ों की रानी के नाम से जाना जाता है।

धर्मशाला का नाम पर्यटन की दृष्टि से न के बराबर है। प्रार्थी ने याचिका में राज्य सरकार पर आरोप लगाए थे कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष शिमला से संबंधित सही रिपोर्ट नहीं रखी। योजना के तहत तय किए गए मापदंडों को दरकिनार कर धर्मशाला को गलत ढंग से नंबर दिए।

महापौर को चयन अथवा मूल्यांकन समिति की बैठक में भी नहीं बुलाया गया जबकि योजना के तहत ऐसा किया जाना जरूरी था। याचिका में यह भी कहा गया था कि चयन समिति के सामने धर्मशाला से जुड़े जो आंकड़े पेश किए गए वह फर्जी थे और इन्हीं फर्जी आंकड़ों के आधार पर धर्मशाला का चयन किया गया।

धर्मशाला एमसी बोला, नहीं की धोखाधड़ी

Himachal High Court rejected status of dharamsala as smart city

धर्मशाला नगर निगम की ओर से कोर्ट को बताया गया की स्मार्ट सिटी के चयन में कोई धोखाधड़ी नहीं की गई। धर्मशाला शिमला से बेहतर विकसित होता हुआ शहर है। धर्मशाला में शिमला के बजाय स्मार्ट सिटी बनने की अपार संभावनाएं हैं।

धर्मशाला में एक एयरपोर्ट भी है। याचिकाकर्ता ने इसके जवाब में कहा था कि शिमला शहर में लाखों पर्यटक हर साल आते हैं। सरकार ने आंकड़ों के आधार पर शिमला की जगह धर्मशाला को स्मार्ट सिटी योजना में लाए जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।

बैठक में जल्दबाजी से लिया फैसला-
हाईकोर्ट ने प्रार्थी की दलीलों पर सहमति जताते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई। स्मार्ट सिटी के लिए रखी बैठक में जल्दबाजी में निर्णय लिया गया। कई अहम सदस्य अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा पाए, उन्हें समय रहते सूचित नहीं किया गया।

कोर्ट की अफसरों पर तल्ख टिप्पणी- हाईकोर्ट ने हिदायत दी कि नौकरशाहों को लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए संवैधानिक नीति के दृष्टिगत स्वतंत्र निर्णय लेने चाहिए। इससे कानून का राज स्थापित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को अपने विवेक का आत्मसमर्पण नहीं करना चाहिए।

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी सरकार

Himachal High Court rejected status of dharamsala as smart city

धर्मशाला का स्मार्ट सिटी के लिए चयन रद्द करने के हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के फैसले की प्रति का इंतजार कर रही है। प्रदेश सरकार का कहना है कि धर्मशाला को नियमों के तहत स्मार्ट सिटी बनाया गया है, जबकि शिमला शहर को ‘अमृत’ योजना में लिया गया है।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि अभी प्रदेश सरकार को हाईकोर्ट के आर्डर की प्रति नहीं मिली है। अगर हाईकोर्ट ने धर्मशाला के चयन को गलत ठहराया है तो प्रदेश सरकार इस बारे में स्थिति स्पष्ट करेगी। उन्होंने कहा कि शिमला को ‘अमृत’ योजना में शामिल किया गया है।

नगर निगम अगर शिमला को ‘अमृत’ योजना में शामिल नहीं करना नहीं चाहता है तो वह प्रदेश सरकार को लिखित में दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed