चरस मामले में हाईकोर्ट ने पलटा फैसला, SHO ASI पर कार्रवाई के आदेश
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हाईकोर्ट ने साढ़े 6 किलो से ज्यादा चरस और 320 ग्राम अफीम के साथ पकड़े रोहतक (हरियाणा) निवासी मोहित को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 9 अक्तूबर को सजा सुनाने के लिए तलब किया है।
न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने विशेष न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर के फैसले को पलटते हुए दोषी को यह सजा सुनाई।
कोर्ट ने मामले की जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस स्टेशन आनी में तैनात तत्कालीन एएसआई लुदर सिंह, प्रेम लाल और एसएचओ नथू राम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश भी दिए।
डीजीपी को इस बारे में 4 महीनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने प्रदेश में बढ़ रहे मादक पदार्थों की तस्करी पर चिंता जताई। कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी एक घृणित अपराध है।
2008 का है ये पूरा मामला
मामले के अनुसार 22 जून, 2008 की तड़के डेढ़ बजे दोषी मोहित की हरियाणा नंबर की कार को नाकाबंदी के दौरान आनी के समीप रोका गया। गाड़ी की तलाशी के दौरान स्टेपनी से एक पैकेट में चरस और अफीम बरामद किए गए।
गाड़ी में मोहित के अलावा पवन और अजमेर नामक दो व्यक्ति और भी सवार थे। तलाशी के समय अंधेरे का फायदा उठाते हुए तीनों मौके से फरार हो गए थे, लेकिन उसी दिन दोपहर के समय पकड़े गए थे।
11 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषी का दोष साबित नहीं कर पाया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी।