फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal High Court: Orders to form a special team for the restoration of Mrikula Devi temple building in Udaipur

हिमाचल हाईकोर्ट: उदयपुर के मृकुला देवी मंदिर भवन के जीर्णोद्धार को विशेष टीम बनाने के आदेश

Sat, 23 Apr 2022 09:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 23 Apr 2022 09:27 PM IST
सार

प्रदेश उच्च न्यायालय ने जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर में मृकुला देवी मंदिर भवन के जीर्णोद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग को विशेष टीम गठित करने का आदेश दिया है। 

विज्ञापन
Himachal High Court: Orders to form a special team for the restoration of Mrikula Devi temple building in Udaipur
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर में मृकुला देवी मंदिर भवन के जीर्णोद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग को विशेष टीम गठित करने का आदेश दिया है। टीम को एक सप्ताह के भीतर स्थल का निरीक्षण करने और मृकुला देवी मंदिर की आवश्यक मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मंदिर की मरम्मत, रखरखाव और संरक्षण के लिए धन उपलब्ध कराया जाए। उसके बाद एक महीने के भीतर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया जाए ताकि इसे तेजी से पूरा किया जा सके। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू द्वारा माता मृकुला देवी मंदिर उदयपुर जिला लाहौल स्पीति की जर्जर स्थिति को प्रस्तुत करती रिपोर्ट पर स्वत संज्ञान लेते हुए यह आदेश पारित किए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू द्वारा बताया गया है कि मंदिर के दोनों हिस्सों के बीच की छत झुकी हुई है और कभी भी गिर सकती है।

विज्ञापन


लकड़ी का एक पुराना खंभा टूट रहा है। छत का बाहरी हिस्सा भी गिर रहा है। मंदिर का रंग पुरातत्व विभाग ने फिर से रंगने के लिए हटा दिया था लेकिन उसके बाद मंदिर को बिल्कुल भी रंग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि इस मंदिर की सुरक्षा वर्ष 1989 में पुरातत्व विभाग ने अपने हाथ में ले ली थी। मंदिर के पुजारी ने इस संबंध में न्यायालय में एक आवेदन भी प्रस्तुत किया। इसे उपायुक्त लाहौल स्पीति को उचित कार्रवाई के लिए को भेजा गया। इसके बावजूद मंदिर में मरम्मत का कार्य अभी तक नहीं किया गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र अधिवक्ता वंदना मिश्रा ने माता मृकुला देवी मंदिर की कई तस्वीरें प्रस्तुत कीं, जिससे बताया गया कि मंदिर जीर्णशीर्ण स्थिति में है। कोर्ट मित्र ने बताया कि मंदिर के पुजारी के अनुसार अगर तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो यह मंदिर कभी भी गिर सकता है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के स्पष्टीकरण को पूरी तरह से असंतोषजनक पाया। अदालत ने कहा कि जिस गति से प्रतिवादी आगे बढ़ रहे हैं, निश्चित रूप से संरचना के अस्तित्व को खतरे में डाल देगा। मामले की आगामी सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed