फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal high court orders PWD department to pay salary to suspended employee

हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी से बर्खास्त कर्मचारी को दी बड़ी राहत

Fri, 16 Mar 2018 10:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Fri, 16 Mar 2018 10:46 AM IST
विज्ञापन
himachal high court orders PWD department to pay salary to suspended employee

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेवा से बर्खास्त किए गए कर्मचारी तेजपाल को कोर्ट के आदेशों के बावजूद नौकरी पर पुन: न रखने के मामले पर लोनिवि को आदेश दिए कि वह प्रार्थी को 15 अगस्त 2014 से 31 मार्च 2018 तक का वेतन दो माह के भीतर अदा करे।

विज्ञापन


न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी व न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने प्रार्थी तेजपाल की ओर से दायर आवेदन का निपटारा करते हुए यह स्पष्ट किया कि मजदूर को दिए जाने वाले इस एरियर का भुगतान अप्रैल तक कर दिया जाए। कोर्ट ने विभाग को यह भी आदेश दिए कि वह अपील के अंतिम निपटारे तक हर महीने की 7 तारीख तक प्रार्थी का वेतन अदा करता रहे।
विज्ञापन


गौरतलब है कि 8 मार्च, 1999 को कुल्लू में कार्यरत प्रार्थी की सेवाओं को लोक निर्माण विभाग द्वारा समाप्त कर दिया था। प्रार्थी ने अपना मामला श्रम न्यायालय के समक्ष उठाया। श्रम न्यायालय धर्मशाला ने प्रार्थी के हक में फैसला देते हुए उसे सेवा में वापस लिए जाने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


19 दिसंबर 2013 को पारित इस फैसले को फिर से लोक निर्माण विभाग ने खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी। प्रार्थी कहना था कि वह अपना गुजर बसर करने के लिए असमर्थ है और लोक निर्माण विभाग उसे उसके हक में दिए गए फैसले का लाभ नहीं दे रहा।

Trending Videos

दिव्यांग कोटे की सीट दूसरे को देने पर सरकार से जवाब तलब

himachal high court orders PWD department to pay salary to suspended employee

हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी (हिंदी) में दाखिले को लेकर एक दिव्यांग छात्रा सवीना जहां के साथ कथित भेदभाव को लेकर सरकार से दो सप्ताह में जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए।

मामले के अनुसार शिमला जिले के रोहड़ू की सवीना जहां पुत्री नजाकत हुसैन ने पत्र में लिखा था कि विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने फोन पर मैसेज भेजकर पीएचडी में प्रवेश की काउंसलिंग 25 नवंबर को होने की सूचना दी थी। प्रार्थी का कहना है कि काउंसलिंग में दिव्यांग कोटे में हस्ताक्षर वाली शीट पर अकेले उसी का नाम था, लेकिन विभाग ने कोई सूचना नोटिस बोर्ड पर नहीं दी और न ही वेबसाइट पर डाली।

इसके बाद गुपचुप तरीके से दिव्यांग कोटे में एक अन्य छात्रा को प्रवेश दे दिया गया, जिसने सामान्य वर्ग में काउंसलिंग में हिस्सा लिया था। यह सूचना भी सार्वजनिक नहीं की गई। बाद में पूछने पर बताया गया कि काउंसलिंग हुई ही नहीं थी।

उसने प्रमाण के तौर पर उन विद्यार्थियों के नाम भी पत्र में लिखे हैं, जिन्होंने 25 नवंबर 2017 को सामान्य श्रेणी में काउंसलिंग में हिस्सा लिया था। प्रार्थी के अनुसार जब काउंसलिंग में वह दिव्यांग श्रेणी में हस्ताक्षर करने वाली अकेली उम्मीदवार थी तो किसी अन्य को प्रवेश कैसे दे दिया गया।

बैंक कर्मियों को दी हिदायत

himachal high court orders PWD department to pay salary to suspended employee

प्रदेश हाईकोर्ट ने बैंक कर्मियों की हड़ताल को गैर कानूनी ठहराते हुए हिदायत दी कि अगर उनकी कोई जायज मांग हो तो वे अपने मामले सक्षम फोरम के समक्ष उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह फैसला सुनाया है।

उन्होंने वित्त सेवा मंत्रालय को आदेश दिए हैं कि वह बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करे और उस पर अपना निर्णय दे। कोर्ट ने यह स्पष्ट तौर पर कहा कि बैंक के कर्मचारी सीधे हड़ताल पर जाने के बजाय अपने मामले को सक्षम फोरम पर उठाएं।

गौरतलब है कि गत वर्ष 22 अगस्त को बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। हड़ताल से पहले ही हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान ले लिया था। बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों का हड़ताल पर जाने का निर्णय जनहित की दृष्टि से प्रथम दृष्टया गलत था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed