हाईकोर्ट ने परवाणू-चंबाघाट रोड पर अवैध निर्माण गिराने के दिए आदेश
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हिमाचल हाईकोर्ट ने परवाणू से चंबाघाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गई अवैध इमारतों और अवैध कब्जों को चार सप्ताह के भीतर गिराने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जाधारियों के कारण राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील करने वाले प्रोजेक्ट में देरी नहीं की जा सकती।
कोर्ट ने कहा कि हाईवे प्र्रशासन को दोबारा से सड़क की निशानदेही करवाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने हाईवे प्रशासन को कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर मैप जो वर्ष 2006 में स्वीकृत हो गया हैं, उसकी निशानदेही के मुताबिक अवैध इमारतों का चयन करे और उन्हें मौके से हटाया जाए।
कोर्ट ने सोलन जिला प्रशासन को आदेश दिए कि पुलिस सहायता सहित हर संभव मदद प्रदान करे ताकि अवैध कब्जे हटाए जा सकें। कोर्ट ने अपने आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए हाईवे प्रशासन के प्रशासक को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार ठहराया है। कोर्ट ने प्रशासक को आदेश दिए हैं कि बीस जून तक स्टेटस रिपोर्ट दायर करे, जिसमें अवैध निर्माण को हटाने की विस्तृत जानकारी दी गई हो।
नाबालिग भारती मामले में दो सप्ताह में जवाब देने के आदेश
नाहन शहर के नावनी क्षेत्र से 12 मार्च 2014 को लापता हुई नाबालिग भारती मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने लापता बच्ची के पिता प्रहलाद सैनी के पत्र पर संज्ञान लेते हुए डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह स्वयं मामले की जांच पर निगरानी रखें।
भारती 12 मार्च, 2014 को दसवीं की परीक्षा देने घर से स्कूल के लिए निकली लेकिन वापस नहीं आई। स्कूल में पता करने पर बताया गया कि वह तो पेपर देने ही नहीं पहुंची। 13 मार्च को पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रार्थी का आरोप है कि पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है और पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है।
पिछले एक साल से तो पुलिस कोई जानकारी भी नहीं दे रही है। प्रार्थी का कहना है कि दूसरी बेटी और दो बेटों की चिंता न होती तो शायद अब तक पत्नी आत्मदाह कर चुकी होती। शायद प्रार्थी की गरीबी ही यह वजह है कि सरकार मामले को सुलझाने में कतई गंभीर नहीं। प्रार्थी ने कोर्ट से उचित प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश जारी करने की गुहार लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।