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Himachal DA Update: 15 फीसदी महंगाई भत्ते पर अब सरकार को लेना होगा फैसला, हाईकोर्ट ने तय की समयसीमा
Sat, 01 Aug 2026 06:00 AM IST
Ankesh Dogra
भारती मेहता, शिमला।
भारती मेहता, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sat, 01 Aug 2026 06:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के 15 फीसदी लंबित महंगाई भत्ते और एरियर भुगतान मामले में प्रदेश सरकार को फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चार सप्ताह में अभ्यावेदन देने और सक्षम प्राधिकरण को 12 सप्ताह में कारण सहित आदेश पारित करने को कहा है। कर्मचारियों का दावा है कि केंद्र की तुलना में उन्हें कम डीए मिल रहा है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के 15 फीसदी लंबित महंगाई भत्ते, उससे जुड़े एरियर और किस्तों के भुगतान पर सरकार को निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने याचिकाकर्ताओं को 4 सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं। सक्षम अथॉरिटी को 12 सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार एक स्पष्ट एवं कारण सहित आदेश पारित कर इस पर निर्णय लेना होगा। अदालत ने बिना गुण-दोष पर विचार किए याचिकाओं का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर उनकी शिकायतों पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।
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याचिकाकर्ताओं ने डीए का भुगतान न होने को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन प्रदेश सरकार ने आज तक जवाब दाखिल नहीं किया। इसके बाद ही अदालत ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने को कहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों का करीब 15 फीसदी महंगाई भत्ता अभी तक लंबित है। केंद्र सरकार की तुलना में हिमाचल के कर्मचारियों को कम डीए मिल रहा है। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दे रही है, जबकि हिमाचल सरकार के कर्मचारियों को 45 फीसदी ही भुगतान कर रही है। याचिका में न्यायालय से बकाया किस्तें जारी करवाने की मांग की गई थी।
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साथ ही अदालत से गुहार लगाई थी कि एक जुलाई 2024 से रुकीं डीए की सभी किस्तों को केंद्र की तर्ज पर जारी करने के निर्देश दिए जाएं। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण राज्य सरकार पर इसकी देनदारियां बहुत ज्यादा बढ़ गई। आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2023 से जनवरी 2026 के बीच कई चरणों में डीए बढ़ाया गया, लेकिन उसका भुगतान लंबित ही रहा। जुलाई 2023 और जनवरी 2024 में 4 फीसदी, जुलाई 2024 में 3 फीसदी, जनवरी 2025 में 2 फीसदी, जुलाई 2025 में 3 फीसदी और जनवरी 2026 में 2 फीसदी डीए लंबित रह गया। इस तरह कुल मिलाकर 15 फीसदी डीए का भुगतान अभी बाकी हैं। वहीं सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की देनदारी अधिक होने की वजह से और आर्थिक तंगी के कारण वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रही है।