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मोबाइल टावर से सेहत को नहीं खतरा, न डरें लोग: हाईकोर्ट

Thu, 03 Dec 2015 08:49 AM IST
Updated Thu, 03 Dec 2015 08:49 AM IST
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himachal high court judgement over mobile tower radiations.

प्रदेश हाईकोर्ट ने रेडियेशन के कथित खतरों के कारण मोबाइल टावरों का विरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाली विकिरणों को अभी तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं ने खतरा नहीं माना है। कोर्ट ने निर्णय में कहा कि हम किसी न किसी तरह की विकिरणों के संसार में जी रहे हैं।

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मोबाइल अथवा मोबाइल टावरों से निकलने वाली विकिरणें एक्स रे अथवा यूवी किरणों से लाख गुणा कमजोर होती हैं। ऐसे में इससे मनुष्य की कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में वैज्ञानिक रिपोर्टों और न्यायिक विश्लेषणों का अध्ययन करने के बाद मोबाइल टावरों से जुड़ी भ्रांतियों के संदर्भ में यह निष्कर्ष निकाला।

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याचिकाकर्ताओं ने दिया था ये तर्क

himachal high court judgement over mobile tower radiations.

याचिकाकर्ताओं ने उनके घरों के आसपास लगाए जा रहे मोबाइल टावरों का विरोध किया था। उनके अनुसार टावरों से निकलने वाली रेडियशनों से उनके स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ेगा।

डाक्टरों ने उन्हें सलाह दी थी कि मोबाइल रेडियशन से दूर रहे और अगर उनके आसपास मोबाइल टावर लगा हो तो उसकी रेडियशन से खुद को बचाए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भ्रम के चलते बेवजह ही लोग डरे हुए हैं जबकि इस तरह की रेडियशन से स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है।

एनएच किनारे बने खोखे हटाओ: हाईकोर्ट

himachal high court judgement over mobile tower radiations.

प्रदेश हाईकोर्ट ने जिलाधीश सोलन को आदेश दिए हैं कि सोलन स्थित गुरुद्वारे से चंबाघाट तक नेशनल हाईवे पर जितने भी खोखे तथा ढांचे अवैध तरीके से बना रखे हैं। इन्हें चार सप्ताह के भीतर हटाया जाए। इसके अलावा न्यायाधीश राजीव शर्मा तथा न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने जिलाधीश सोलन को कहा है कि हटाए गए लोगों को इस तरह के खोखे स्थापित करने के लिए परमिट न जारी किए जाएं।

एनके ठाकुर की ओर से दायर याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि सोलन में गुरुद्वारे से लेकर चंबाघाट तक कमीशन एजेंटों तथा व्यापारियों ने अवैध तरीके से अस्थाई ढांचे स्थापित कर रखें हैं, जो हाईवे से गुजरने वाले यातायात के लिए लंबे समय से मुश्किल पैदा करते आ रहे हैं। याचिकाकर्ता ने इन ढांचों को हटाने की गुहार लगाई थी।

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