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टोकन राशि देकर भी छूट सकते हैं चेक बाउंस के आरोपी
Sat, 13 Apr 2019 11:42 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:42 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के मामलों में व्यवस्था दी कि दोनों पक्षों में समझौते की स्थिति में सजा माफ करने पर आरोपी को विशेष परिस्थितियों में 15 फीसदी कंपाउंडिंग फीस के बजाय छोटी टोकन राशि देकर छोड़ा जा सकता है।
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चार मामलों में हुए समझौते के दृष्टिगत केस का निपटारा करते न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने हर मामले में 15 फीसदी कंपाउंडिंग फीस की जगह 2000 रुपये प्रति मामले के हिसाब से टोकन राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष जमा करवाने के आदेश दिए।
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हाईकोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते कहा कि आरोपी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर कंपाउंडिंग फीस को कम किया जा सकता है। आरोपी की ओर से वर्ष 2011 में दिए 45000 रुपये के चार चेक बाउंस होने की स्थिति में शिकायतकर्ता ने मनाली के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के समक्ष मामला चलाया। शिकायतें स्वीकार होने पर आरोपी कर्म सिंह को कारावास की सजा सुनाई गई।
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इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दाखिल की। वहां भी सजा बरकरार रही। इसके बाद आरोपी ने चार अलग-अलग मामले दाखिल कर निचली दोनों अदालतों के फैसलों को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी। दोनों पक्षों में समझौते की स्थिति में कोर्ट ने आरोपी को सजा मुक्त कर दिया और उसकी नाजुक आर्थिक स्थिति को देखते हुई कंपाउंडिंग फीस की राशि में भी राहत दे दी।