अब स्कूल-कॉलेजों में हो सकेंगे सरकारी कार्यक्रम, हाईकोर्ट ने रोक हटाई
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हिमाचल हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में गैर संस्थागत कार्यक्रमों पर लगाई गई रोक को हटा दिया है। हाईकोर्ट ने इन संस्थानों में सरकारी और आधिकारिक समारोहों के लिए छूट दे दी है। हालांकि, शिक्षण संस्थानों में निजी कार्यक्रमों के आयोजनों पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा। कोर्ट ने सरकारी अथवा आधिकारिक समारोहों की छूट देते हुए स्पष्ट किया कि स्कूलों में कार्यक्रम का आयोजन छुट्टी के दिन ही होगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने पाया कि सरकारी और आधिकारिक आयोजनों के लिए संबंधित अथॉरिटी को बार-बार कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ रही है। ऐसे में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी आयोजनों के लिए संबंधित संस्थान के मुखिया से इजाजत ली जाए, बशर्ते उस दिन स्कूल में छुट्टी हो। कोर्ट ने यह भी आदेश दिए कि प्रदेश सभी छोटे-बड़े शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी संगठनों, स्थानीय निवासियों अथवा निजी संगठनों के किसी भी तरह के गैर संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजन को इजाजत न दी जाए।
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में शैक्षणिक संस्थानों में शांतिमय व स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलाधीशों, पुलिस अधीक्षकों, उपमंडल दंडाधिकारियों व प्रधानाचार्यों को यह आदेश दिए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाए रखने को उचित कदम उठाएं व हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए।
हाईकोर्ट ने पूछा, स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या किया जाए
हाईकोर्ट ने बीते साल हुए नूरपुर स्कूल बस हादसे पर लिए संज्ञान वाले मामले में सभी पक्षकारों को आदेश दिए हैं कि बताएं, पूरे प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाए। मामले पर सुनवाई 22 मार्च के लिए टल गई।
इससे पहले कोर्ट ने सरकार से शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्टीकरण देने को कहा था कि प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों को घरों से स्कूलों तक लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए कोई प्रणाली बना रखी है या नहीं।
कोर्ट ने पूछा था कि स्कूल बसों की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्या तरीका निकाला है। एक तरफ शनिवार को कोर्ट ने यह आदेश दिए, वहीं दूसरी ओर एक और स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें सात विद्यार्थियों समेत आठ की मौत हो गई।