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हिमाचल हाईकोर्ट: 21 नवंबर को होगी दागी अधिकारियों के मामले पर सुनवाई
Fri, 18 Nov 2022 06:31 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 18 Nov 2022 06:31 PM IST
सार
दागी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पद तैनात किए जाने का मामला वर्ष 2014 में उजागर हुआ था। उस समय राज्य सरकार ने संवेदनशील पदों पर तैनात 43 दागी अधिकारियों की सूची अदालत को सौंपी थी।
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हिमाचल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना का नाम दागी अधिकारियों की सूची में डालने के मामले की सुनवाई 21 नवंबर को निर्धारित की गई है। बलदेव शर्मा के आवेदन पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ के समक्ष मामले को सूचीबद्ध किया गया था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मुख्य सचिव ने प्रबोध सक्सेना का नाम जानबूझ कर दागी अधिकारियों की सूची में नहीं डाला है। हाईकोर्ट में दागी अधिकारियों की सूची दायर करते समय मुख्य सचिव को पता था कि प्रबोध सक्सेना के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है। प्रबोध सक्सेना को फायदा पहुंचाने के लिए उसे संवेदनशील पदों पर तैनात किया गया है।
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वर्ष 2014 में उजागर हुआ था दागी अधिकारियों का मामला
दागी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पद तैनात किए जाने का मामला वर्ष 2014 में उजागर हुआ था। उस समय राज्य सरकार ने संवेदनशील पदों पर तैनात 43 दागी अधिकारियों की सूची अदालत को सौंपी थी। आठ जनवरी 2014 को राज्य सरकार ने अदालत को अवगत करवाया था कि सभी दागी अधिकारियों को संवेदनशील पदों से हटा दिया गया है। जनहित याचिका निपटारा करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि कोई दागी अधिकारी संवेदनशील पद पर तैनात है तो यह मामला अदालत के समक्ष पूर्ण जानकारी के साथ उठाया जा सकता है।
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