हिमाचल हाईकोर्ट ने खारिज की आरटीओ की जमानत याचिका
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पांच मार्च को हाईकोर्ट ने आरटीओ को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने सतर्कता विभाग से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट के अनुसार आरटीओ के खिलाफ 20 मार्च को एक और एफआईआर दर्ज की गई थी।
उसमें आरटीओ द्वारा जांच अधिकारी को रिश्वत देकर मामला रफा-दफा करवाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। उसके पास से मैहतपुर में एक गाड़ी से 10 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
20 मार्च को दर्ज प्राथमिकी के तहत आरटीओ अभी तक न्यायिक हिरासत में है और प्रार्थी ने उस मामले में नियमित जमानत देने की याचिका भी दायर की है। इसमें कोर्ट ने सरकार से 18 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
यह है मामला
आरटीओ के खिलाफ स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ऊना में 28 फरवरी को भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि 20 मार्च को दूसरी प्राथमिकी में उस पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 8 व 12 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
ऊना में सोशल मीडिया में अचानक पांच वीडियो वायरल हुए थे, जिन्हें आरटीओ कार्यालय का बताया गया था। आरोप लगाए गए थे कि फाइल साइन करने की एवज में यहां रुपये लिए जा रहे हैं।
इसके कुछ ही देर बाद शाम के समय एक व्यक्ति ने विजिलेंस के पास पहुंच कर इस संबंध में शिकायत देते हुए तीन घंटे की वीडियो फुटेज भी दी। इसके बाद विजिलेंस ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम 2018 की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया। 20 मार्च को आरटीओ पर घूस देने की कोशिश के आरोप हैं।