फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal High Court dismissed plea to end contract service

हिमाचल हाईकोर्ट ने खारिज की अनुबंध सेवा खत्म करने की याचिका

Sat, 17 Oct 2020 08:02 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 17 Oct 2020 08:02 PM IST
विज्ञापन
Himachal High Court dismissed plea to end contract service
हिमाचल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की सेवाओं को जारी न रखने और अनुबंध सेवा को खत्म करने के खिलाफ दायर याचिका को 20 हजार रुपये की कास्ट के साथ खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कास्ट की राशि दो माह के भीतर उपायुक्त नाहन के कार्यालय में जमा करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश उपायुक्त कार्यालय जिला सिरमौर में तैनात आउटसोर्स महिला कर्मचारी की याचिका को खारिज करते हुए पारित किए। प्रार्थी बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर नायलेट एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर नियुक्त हुई थीं। उसने 5 नवंबर 2014 को अपनी नियुक्ति दी। इसके बाद उसके अनुबंध को समय-समय पर नवीनीकृत किया जाता था और सितंबर 2019 के नवीनतम अनुबंध के अनुसार उसकी सेवाओं को सितंबर 2020 तक जारी रखा जाना था। हालांकि, उसके अनुबंध को सात जनवरी के आदेशानुसार बंद कर दिया गया था। उसने उक्त आदेश को रद्द करने व अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

विज्ञापन


मामले पर सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता की सेवाओं को उसके निरंतर उदासीन व्यवहार और काम करने में अनुशासनहीनता के कारण बंद कर दिया गया था। मामले का निपटारा करते हुए कोर्ट ने कहा कि अनुशासन हर कर्मचारी की पहचान है इसलिए याचिकाकर्ता की सेवाएं समाप्त करने की सजा पूरी तरह से उचित है। ऐसे मामलों में कोई भी उदार दृष्टिकोण नहीं लिया जा सकता है। न्यायालय ने पाया कि पक्षकारों द्वारा इस तरह की झूठी और असंगत दलीलों की वजह से देश में न्यायिक व्यवस्था घुट रही है और ऐसे मुकदमे गलत कारणों से अदालतों के समय का उपभोग करते हैं। न्यायालय ने कहा कि पक्षकारों ने न्यायालय के समक्ष गलत और असंगत बयानों का सहारा लिया।  कोर्ट ने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया के दुरुपयोग पर सख्ती, सतर्कता बरतने और कड़ाई से इस तरह की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed