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हाईकोर्ट ने निरस्त किया कैबिनेट का फैसला

Fri, 06 Mar 2015 02:03 AM IST
Updated Fri, 06 Mar 2015 02:03 AM IST
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Himachal high court decline the decision of cabinet.

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट के उस फैसले को हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया, जिसके तहत राज्य सरकार ने 25 साल से अधिक का कारावास काट चुके ऊना के नंगल जरियाला के कश्मीर सिंह को रिहा न करने का फैसला लिया था। हालांकि, स्टेट सेंटेंस (दंड) बोर्ड ने उसे रिहा करने पर सहमति जताई थी।

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न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने स्टेट सेंटेंस बोर्ड को आदेश दिए हैं कि ऐसे कैदियों को रिहा करने के मामले में सुनवाई का मौका दिया जाए। इस बारे में अदालत ने राज्य सरकार को तीन माह के भीतर जरूरी दिशा-निर्देश देने के आदेश भी दिए हैं।
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1994 में उम्र कैद की सजा सुनाई थी

Himachal high court decline the decision of cabinet.

मामले में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थी को हत्या के आरोप में वर्ष 1994 में उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी, जिसे उसने अपील के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने भी उसकी सजा को बरकरार रखा। तब से प्रार्थी जेल में बंद है और जेल कोड के मुताबिक वह रिहा होने के लिए पात्र है।

स्टेट सेंटेंस बोर्ड ने जेल कोड के मुताबिक ही प्रार्थी को रिहा करने की सिफारिश की थी, लेकिन कैबिनेट ने 6 अगस्त 2014 जेल कोड और स्टेट सेंटेंस बोर्ड की सिफारिश को दरकिनार कर प्रार्थी को रिहा करने से इंकार कर दिया था। कैबिनेट के इस फैसले को प्रार्थी ने अपील के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट ने प्रार्थी की याचिका को स्वीकारते हुए कैबिनेट के उक्त फैसले को निरस्त कर दिया और राज्य सरकार को आदेश दिए कि प्रार्थी की ओर से कोर्ट के निर्णय की प्रति पेश करने पर तुरंत रिहा कर दिया जाए।

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