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शहीद कमल वैद्य: जिगर के टुकड़े की पार्थिव देह देख मां बेसुध, पिता के छलके आंसू
Mon, 26 Jul 2021 10:31 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सुनील शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जाहू (हमीरपुर)
सुनील शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जाहू (हमीरपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 26 Jul 2021 10:31 AM IST
सार
सूबेदार किशोर कुमार ने बताया कि 8 सैनिकों की टीम एलओसी पर गश्त पर थी। उस समय कमल का पैर गलती से बारूदी सुरंग से टकरा गया।
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शहादत की खबर से सुधबुध खो बैठी मां बबीता कुमारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जवान बेटे की पार्थिव देह रविवार को जैसे ही घर के आंगन में पहुंची तो हर आंख नम हो गई। हर शख्स बस शहीद की एक झलक पाना चाहता था। बेटे कमल वैद्य की शहादत की खबर से सुधबुध खो बैठी मां बबीता कुमारी सच मानने के लिए तैयार नहीं थी। जिगर के टुकड़े की पार्थिव देह देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बेटे से लिपटतीं और फिर बेहोश हो जातीं। यह मंजर देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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उपमंडल भोरंज की लगमन्वी पंचायत के घुमारवीं गांव के शहीद कमल वैद्य का पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरा गांव चीख-पुकार से गूंज उठा। रो-रोकर पिता मदन लाल, दोनों बहनों इंदु, शशि और 85 वर्षीय दादी के आंसू तक सूख गए। पिता रोते हुए कहते रहे कि मेरे बेटे ने देश के लिए शहादत दी है, उस पर मुझे गर्व है। बहनें कह रही थीं कि कमल दो माह बाद तेरी शादी की धूम होनी थी, तूने पहले ही शहीद होकर लोगों को घर में इकट्ठा कर डेरा लगवा दिया। शहीद कमल वैद्य की अक्तूबर में शादी होनी थी। शहीद की भतीजी और भानजी भी घर पर अपने चाचा और मामा को घर की छत से देखकर सिसकियां भरती रहीं।
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गायकी का था शौक, गिटार पर थिरकती थी उंगलियां
शहीद कमल को स्कूल के समय से ही गायकी का शौक था। वह गिटार भी काफी अच्छा बजाते थे। स्कूल के कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते थे। कमल के दोस्त बताते हैं कि अगर वह सेना में भर्ती न होता तो एक नामी गायक बनता। पार्थिव शरीर के साथ आए सेना के सूबेदार किशोर कुमार ने बताया कि कमल गाने का काफी शौकीन था। खाली समय में वह गाने गाकर फौजियों का मनोरंजन करता था।
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बारूदी सुरंग से टकरा गया था पैर
सूबेदार किशोर कुमार ने बताया कि बीते शुक्रवार को रात 9:30 बजे 8 सैनिकों की टीम एलओसी पर गश्त पर थी। उस समय कमल का पैर गलती से बारूदी सुरंग से टकरा गया। धमाके से कमल का पैर पूरी तरह खराब हो गया। कमल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो घंटे के बाद उसने दम तोड़ दिया।